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सुप्रीम कोर्ट में एक नए युग की शुरुआत, पहली बार किसी केस की सुनवाई का लाइव टेलीकास्ट हुआ

सुप्रीम कोर्ट में एक नए युग की शुरुआत, पहली बार किसी केस की सुनवाई का लाइव टेलीकास्ट हुआ

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट(Supreme Court) में मंगलवार(27 सितंबर) को एक इतिहास रचा गया। लोगों ने पहली बार संविधान पीठ की सुनवाई लाइव स्ट्रीमिंग देखी। शुरुआत उद्धव वर्सेस शिंदे केस से हुई। सुनवाई के दौरान उद्धव गुट की तरफ से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई का लाइव टेलिकास्ट किया गया। टॉप कोर्ट के पास संवैधानिक कानून से जुड़े अहम मुद्दों( constitutional legislation) की सुनवाई के लिए तीन संविधान पीठ(Constitution benches) हैं। इसमें  जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली दूसरी संविधान पीठ उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के दोनों गुटों द्वारा दायर कई याचिकाओं पर महाराष्ट्र राजनीतिक संकट से संबंधित मामले की सुनवाई कर रही थी। जिन मामलों की लाइव स्ट्रीमिंग की व्यवस्था की गई, उनमें महाराष्ट्र शिवसेना विवाद के अलावा EWS आरक्षण, दिल्ली-केंद्र विवाद भी शामिल है। पिछले हफ्ते ही सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग करने का फैसला किया था।

जानिए क्या हुआ?
सुप्रीम कोर्ट में दलील देते हुए कहा- ‘कोर्ट के 29 जुलाई के आदेश की वजह से यह सब हुआ है। जब अयोग्यता का मामला पेंडिंग में है, तो चुनाव आयोग सिंबल पर फैसला कैसे कर सकता है? इस पर बेंच ने कहा कि वो इस मामले को जल्द सुलझाना चाहता है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त में शिवसेना पर दावे से संबंधित मामले को संविधान पीठ को सौंप दिया था। इस मसले के निराकरण के लिए दलबदल, विलय और अयोग्यता से संबंधित 8 सवाल तैयार किए गए हैं।

2018 में हुआ था सुप्रीम कोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग का फैसला
26 सितंबर को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया उदय उमेश ललित की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा था कि शीर्ष अदालत के पास जल्द ही YouTube का उपयोग करने के बजाय अपनी कार्यवाही को लाइव-स्ट्रीम करने के लिए अपना प्लेटफ़ॉर्म होगा।

CJI की अध्यक्षता में पूर्ण न्यायालय की बैठक(full court meeting) में लिए गए सर्वसम्मत निर्णय में शीर्ष अदालत ने जस्टिस मिश्रा के मील का पत्थर बने इस ऐलान( path-breaking announcement) के चार साल बाद 27 सितंबर से सभी संविधान पीठ की सुनवाई की कार्यवाही को लाइव-स्ट्रीम करने का निर्णय लिया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने अभी YouTube के माध्यम से कार्यवाही का लाइव-स्ट्रीम किया। बाद में उन्हें अपने सर्वर पर होस्ट कर सकता है। लोग बिना किसी परेशानी के अपने सेल फोन, लैपटॉप और कंप्यूटर पर सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही देख सकेंगे।

27 सितंबर, 2018 को, भारत के तत्कालीन चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने संवैधानिक महत्व के मामलों में महत्वपूर्ण कार्यवाही के लाइव टेलीकास्ट या वेबकास्ट पर ऐतिहासिक निर्णय दिया था, जिसमें कहा गया था कि “सूर्य की रोशनी सबसे अच्छा कीटाणुनाशक(sunlight is the best
 disinfectant) है।”

26 अगस्त को अपनी स्थापना के बाद पहली बार सुप्रीम कोर्ट ने एक वेबकास्ट पोर्टल के माध्यम से तत्कालीन चीफ जस्टिस (सेवानिवृत्त) एनवी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ की कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया था। यह एक औपचारिक कार्यवाही थी, क्योंकि उस दिन जस्टिस रमना का रिटायरमेंट था।

SC ने संविधान पीठ के सामने लगे मामलों की सुनवाई के लाइव स्ट्रीमिंग की व्यवस्था की है। इन मामलों में EWS आरक्षण, महाराष्ट्र शिवसेना विवाद, दिल्ली-केंद्र विवाद शामिल है। दरअसल, पिछले हफ्ते ही सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग करने का फैसला किया था।

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