नई दिल्ली. विवादास्पद दिल्ली आबकारी नीति(now-scrapped Delhi Excise policy) मामले में चल रही जांच के सिलसिले में आज डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की केंद्रीय जांच ब्यूरो(Central Bureau of Investigation) में पेशी होने जा रही है। इसे लेकर आम आदमी पार्टी(AAP) ने सोशल मीडिया पर आक्रामण रुख अख्तियार किया है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने सिसोदिया केघर के आसपास धारा 144 लागू की गई है। मनीष सिसोदिया के आवास पर कार्यकर्ताओं के जुटने की आशंका के चलते यह निर्णय लिया गया।सिसोदिया के घर के आसपास दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बल की भारी तैनाती है।
लगातार tweet करके मनीष सिसोदिया ने कहा
नई आबकारी नीति(जिसे बाद में निरस्त कर दिया गया) में आरोपी बनाए गए डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया मां का आशीर्वाद लेकर CBI दफ्तर के लिए निकले। पत्नी ने उनका तिलक किया। सिसोदिया ने लगातार कुछ ट़्वीट भी किए। सिसोदिया ने लिखा-मेरे ख़िलाफ़ पूरी तरह से फर्जी केस बनाकर इनकी तैयारी मुझे गिरफ्तार करने की है। मुझे आने वाले दिनों में चुनाव प्रचार के लिए गुजरात जाना था। ये लोग गुजरात बुरी तरह से हार रहे हैं। इनका मक़सद मुझे गुजरात चुनाव प्रचार में जाने से रोकना है। लेकिन मेरे जेल जाने से गुजरात का चुनाव प्रचार रुकेगा नहीं। आज हर गुजराती खड़ा हो गया है। अच्छे स्कूल, अस्पताल, नौकरी, बिजली के लिए गुजरात का बच्चा बच्चा अब चुनाव प्रचार कर रहा है। गुजरात का आने वाला चुनाव एक आंदोलन होगा। मेरे खिलाफ़ एक पूरी तरह से फ़र्ज़ी केस बनाया हुआ है। मेरे घर रेड की, कुछ नहीं मिला, मेरे सारे बैंक लॉकर देखे, कुछ नहीं मिला, मेरे गांव में जाकर सारी जांच कीं, कुछ नहीं मिला। ये केस पूरी तरह से फर्जी है।
क्या है आबकारी नीति करप्शन केस?
दिल्ली सरकार बीते साल नई आबकारी नीति लाई थी। दिल्ली आबकारी नीति के लागू होने के बाद आप सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। आरोप है कि इस नीति से डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने करीबियों को लाभ पहुंचाया है। इसके एवज में उनके खास लोगों के माध्यम से करोड़ों रुपयों का ट्रांसफर किया गया है। बीते दिनों दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना ने इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। इस मामले में सीबीआई ने मनीष सिसोदिया समेत 15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। हालांकि मामला उलझते देख अरविंद केजरीवाल ने आबकारी नीति वापस ले हुए पुरानी बहाल कर दी थी। विवादास्पद आबकारी नीति 17 नवम्बर 2021 को लागू की गई थी।
एक अगस्त को कैंसल कर दी गई थी नई आबकारी नीति
दिल्ली में संचालित 468 निजी शराब की दुकानें 1 अगस्त से बंद कर दी गई थीं। दिल्ली के मुख्य सचिव की एक रिपोर्ट के आधार पर उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने आबकारी नीति 2021-22 के कार्यान्वयन में नियमों के कथित उल्लंघन और प्रक्रियात्मक खामियों की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। भाजपा ने आप सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए पूछा था कि आप को जवाब देना चाहिए कि नीति के तहत लाइसेंसधारियों का कमीशन 2.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत क्यों किया गया? इस पर आबकारी मंत्री मनीष सिसोदिया ने जवाब दिया था किनई आबकारी नीति में ओपन टेंडर के माध्यम से पारदर्शी तरीके से लाइसेंस जारी किए गए। पुराने शासन में सरकार को 6,000 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त होता था, जबकि नई आबकारी नीति से सरकार को पूरे वर्ष में 9,500 करोड़ रुपये का राजस्व मिलना तय था।




