बिहार में भी बना नया कीर्तिमान, मात्र 98 घंटे में कोचस-मोहनिया के बीच 38 किमी लंबे सड़क का हुआ निर्माण

सासाराम: बिहार में विकास की गति को तेज करने के लिए डबल इंजन की सरकार लगातार प्रयासरत है. इसी के तहत तेज गति से सड़क बनाने में बिहार ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है. राष्ट्रीय उच्चपथ भारतमाला योजना सड़क निर्माण परियोजना के तहत रोहतास जिले के कोचस के पड़रिया से कैमूर जिला के मोहनिया तक 38 किलोमीटर सिंगल लेन सड़क का निर्माण मात्र 98 घंटे में करके बिहार ने कीर्तिमान स्थापित किया है. 98 घंटे में युद्ध स्तर पर आधुनिक तकनीक से सड़क निर्माण कार्य पूरा कर पूरे देश को एक मैसेज दिया गया है.

बता दें कि बिहार में लगातार सड़कों का जाल बिछ रहा है. ऐसे में तेज गति से सड़क बनने से विकास का नया कीर्तिमान स्थापित हो रहा है. पूरे देश के साथ बिहार भी तेज गति से सड़क बनाने की ओर अग्रसर है. बता दें कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के निर्देश पर सड़कों की गुणवत्ता पर भी ध्यान रखा जा रहा है. पिछले दिनों जब नितिन गडकरी बिहार आए थे तो उन्होंने अपने बयान से इस ओर इशारा भी किया था.

105 घंटे में 75 किलोमीटर सड़क का पहले से है विश्व रिकॉर्ड

भारत सरकार के केंद्रीय भूतल परिवहन विभाग द्वारा पहले ही 105 घंटे में 75 किमी सड़क बनाने का विश्व रिकॉर्ड है. तेज गति से सड़क बनाने के मामले में भारत दुनिया के तमाम देशों को पीछे छोड़ दिया है. ऐसे में बिहार आने वाले दिनों में उक्त रिकॉर्ड को ब्रेक करने की ओर अग्रसर है. सड़क निर्माण कार्य करा रहे ‘अशोका बिल्डकॉन लिमिटेड’ कंपनी के प्रोजेक्ट हेड गणेश कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय उच्चपथ संख्या- 319, जिसका 115 किमी तक निर्माण कार्य दो फेज में किया जा रहा है. इसमें आरा से कोचस के पडरिया तक 54 किमी तथा दूसरा पैकेज फेज में पड़रिया से कैमूर के मोहनिया तक 115 किमी का निर्माण किया जाना है. तारकोल से कालीकरण कर सड़क निर्माण कार्य का यह एक तरह का पूरे देश में अपना अलग रिकॉर्ड है, जो मात्र 98 घंटे में 38 किमी लंबी कालीकरण पीच सड़क का निर्माण हुआ है. विभागीय अधिकारियों के निरीक्षण के बाद आने वाले अक्टूबर तक बिहार एक नया रिकॉर्ड बनाने की ओर अग्रसर होगा. इसपर लगातार काम चल रहा है, विभागीय स्तर से जिसकी मॉनिटरिंग भी हो रही है.

क्या कहते हैं प्रोजेक्ट हेड

प्रोजेक्ट हेड गणेश कुमार ने बताया कि आने वाले महीने में विभाग की टीम यहां पहुंचकर सड़क का निरीक्षण करने वाली है. उम्मीद की जा रही है कि अक्टूबर महीना के आसपास तेज गति से सड़क निर्माण कार्य का विश्व रिकॉर्ड भी बिहार के नाम होगा. इस पर लगातार मंथन और शोध कार्य चल रहा है. बता दें कि सड़क निर्माण में पिछले कुछ वर्षों में बिहार में तेजी आई है. खासकर केंद्रीय एजेंसियां सड़कों के निर्माण को गति दे रही है. वर्तमान उपलब्धि बिहार के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी.

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