बिहार: बिहार में चुनावी मौसम से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए। कैबिनेट में कुल 24 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई, जिनका मकसद राज्य के सर्वांगीण विकास, रोजगार सृजन, कला-संस्कृति के संरक्षण और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाना है।
युवाओं को इंटर्नशिप के बदले हर महीने 4000 से 6000 रुपये
सरकार ने ‘मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना’ की शुरुआत की है, जिसके तहत युवाओं को इंटर्नशिप के अवसर दिए जाएंगे। इस योजना में वे युवा शामिल होंगे जिन्होंने कौशल विकास की ट्रेनिंग पहले ही पूरी कर ली है।
12वीं पास युवाओं को ₹4000
ITI या डिप्लोमा धारकों को ₹5000
स्नातक (ग्रेजुएट) युवाओं को ₹6000 प्रति माह
सरकार का लक्ष्य है कि 2025-26 तक 5000 युवाओं को और अगले 5 वर्षों में 1 लाख युवाओं को इस योजना से जोड़ा जाए।
पारंपरिक कलाकारों को ₹3000 मासिक पेंशन
राज्य सरकार ने पारंपरिक कलाकारों के लिए ‘मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना’ की शुरुआत की है। इसके तहत उन्हें हर महीने ₹3000 की पेंशन दी जाएगी। यह योजना उन कलाकारों के लिए है जो अब कार्य करने में सक्षम नहीं हैं या जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है।
गुरु-शिष्य परंपरा’ को मिलेगा नया जीवन
बिहार की पुरानी लोक कलाओं को संजोने और अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए ‘गुरु शिष्य परंपरा योजना’ शुरू की गई है। इस योजना के तहत अनुभवी लोक कलाकार युवाओं को अपनी कला सिखाएंगे।
इसके लिए ₹1.12 करोड़ का बजट मंजूर किया गया है।
प्राकृतिक खेती को मिलेगा बढ़ावा
प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने ₹3835 करोड़ का बजट पास किया है। यह योजना केंद्र सरकार के सहयोग से चलाई जाएगी और किसानों को रासायनिक रहित खेती की ओर प्रेरित करेगी।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
कैबिनेट मीटिंग में सीतामढ़ी के पुनौराधाम मंदिर के विकास के लिए प्राथमिक बजट स्वीकृत किया गया है। इससे धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
कुल 24 प्रस्तावों पर मुहर
बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, संस्कृति और रोजगार से जुड़े कुल 24 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। यह सभी फैसले राज्य की सामाजिक और आर्थिक संरचना को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर माने जा रहे हैं।
चुनाव से पहले बड़ी रणनीति
सरकार की इन घोषणाओं को चुनावी रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। युवाओं, किसानों और कलाकारों के हित में लिए गए ये फैसले जनता को सीधे तौर पर लाभ पहुंचाने वाले हैं, जिससे सामाजिक समर्थन भी सुनिश्चित किया जा सके।




