नई दिल्ली। भारतीय राजनीति में बड़ा उलटफेर आने वाला है—ऐसा कहना है प्रसिद्ध ज्योतिषी अंकित अग्निहोत्री का। हाल ही में डिजिटल जॉकी के पॉडकास्ट में बात करते हुए उन्होंने एक चौंकाने वाली भविष्यवाणी की है। उनके अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2027 तक राष्ट्रपति की कुर्सी संभालेंगे, जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भारत के अगले प्रधानमंत्री होंगे।
यह भविष्यवाणी न सिर्फ राजनीति के गलियारों में बल्कि आम जनमानस में भी चर्चा का विषय बन गई है। अंकित अग्निहोत्री ने एस्ट्रोलॉजी के माध्यम से जो गणनाएं की हैं, वे भारतीय राजनीति के अगले अध्याय की ओर इशारा करती हैं।
मोदी का राजयोग और रिटायरमेंट की राह
ज्योतिषीय विश्लेषण के अनुसार नरेंद्र मोदी की वृश्चिक लग्न की कुंडली में नीच भंग राजयोग है, जो अब तक उनके राजनीतिक सफर का आधार रहा है। मंगल उनकी कुंडली के लग्न लॉर्ड हैं, जिसने उन्हें मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक का सफर तय कराया।
लेकिन अब उनकी कुंडली में मंगल की दशा में बुध की अंतर्दशा शुरू हो चुकी है—2 जून 2024 से। बुध रेट्रोग्रेड होकर बैठे हैं, जो बताता है कि अब मोदी का ग्रेसफुल रिटायरमेंट करीब है। ज्योतिषी के मुताबिक, 2027 में मोदी राष्ट्रपति बनेंगे और सत्ता में परोक्ष रूप से अपनी भूमिका निभाते रहेंगे।
योगी की कुंडली में नया उदय
योगी आदित्यनाथ की सिंह लग्न की कुंडली में 2024 से वीनस महादशा का आरंभ हुआ है, जो अगले 20 वर्षों तक चलेगी। यह महादशा जबरदस्त राजयोग का निर्माण कर रही है। यही वजह है कि अंकित अग्निहोत्री का मानना है कि 2027 में योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री बनेंगे और भारत को एक नए युग में ले जाएंगे।
सनातन का होगा पुनरुत्थान
अंकित ने भविष्यवाणी की कि 2027 से भारत में सनातन संस्कृति का पुनरुत्थान होगा और इसका नेतृत्व योगी आदित्यनाथ करेंगे। वह केवल राजनेता नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक मार्गदर्शक की भूमिका में भी दिखेंगे।
राजनीति में एस्ट्रोलॉजी की ताकत
भविष्य कौन देख सकता है? लेकिन एस्ट्रोलॉजी की शक्ति को नजरअंदाज करना मुश्किल है। अंकित अग्निहोत्री की गणनाएं यह दर्शाती हैं कि राजनीति की दिशा ज्योतिषीय प्रभावों से भी तय होती है। हालांकि, यह सब भविष्य की बात है, लेकिन एस्ट्रोलॉजिकल संकेतों ने एक नई बहस को जन्म जरूर दे दिया है।
यह लेख ज्योतिषी अंकित अग्निहोत्री द्वारा पॉडकास्ट में कही गई बातों पर आधारित है। इसमें व्यक्त विचार व भविष्यवाणियां उनके निजी आकलन पर आधारित हैं। एनबीटी इनकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता।
क्या वाकई 2027 में होगा राजनीतिक महापरिवर्तन? क्या योगी आदित्यनाथ लेंगे पीएम की कमान? और क्या मोदी बनेंगे राष्ट्रपति? जवाब भविष्य के गर्भ में छिपा है, लेकिन बहस अभी से शुरू हो चुकी है।




