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लखनऊ, 21 अगस्त 2021

यूपी में आत्मनिर्भर सपने को साकार करने के लिये राज्य सरकार हथकरघा उद्योग को बढ़ावा दे रही है। प्रदेश में हथकरघा बुनकरों और बुनाई से सम्बन्धित विषय की पढ़ाई करने वाले छात्रों को प्रोत्साहित करने का बड़ा काम किया गया है। कताई और बुनाई विषय की शिक्षा प्राप्त करने वाले इंटर पास छात्रों को प्रतिमाह छात्रवृत्ति दी गई है। सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हथकरघा को अपनाने और बुनकरों को मजबूती देने के लिये कई कल्याणकारी योजनाएं भी चालू की हैं। प्रदेश सरकार से मिली जानकारी के अनुसार, “कताई एवं बुनाई विषय से इंटरमीडिएट ( कक्षा -11 , 12 ) की शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों को 500 रुपए प्रतिमाह छात्रवृत्ति दी जा रही है। इसके अलावा बुनाई प्रशिक्षण कालेजों के छात्रों को प्रशिक्षित करने के लिये नवीन हथकरघा की खरीद, हथकरघा के विभिन्न उपकरणों की खरीद (डाबी, जैकार्ड, कच्चा माल तथा सूत, रंग-रसायन) के लिये 5 लाख रुपये प्रति कालेज अनुदान दिया जा रहा है। सरकार की मंशा प्रदेश में बुनकरों के जीवन को खुशहाल बनाना है।”

गौरतलब है कि सरकार के सतत एवं प्रशंसनीय प्रयासों से हथकरघा उद्योग अपने पुराने वैभव को प्राप्त कर रहा है।

सरकार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, “प्रदेश में हथकरघा वस्त्रों की बुनाई, रंगाई, डिजाइन कार्यों में लगे बुनकर के सहायकों को दो वर्षों तक 1000 रुपये प्रति माह मानदेय दे रही है। इतना ही नहीं आई.आई.एच.टी वाराणसी में डिप्लोमा कोर्स करने वाले प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के छात्रों को क्रमश: 500 रुपये, 550 रुपये और 600 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति भी दी जा रही है।