FATF की ग्रे लिस्ट से निकलने को बेचैन पाकिस्तान, हिना रब्बानी खार ने कह दी बड़ी बात

FATF की ग्रे लिस्ट से निकलने को बेचैन पाकिस्तान, हिना रब्बानी खार ने कह दी बड़ी बात

इस्लामाबाद। चार सालों से FATF की ग्रे लिस्ट में पाकिस्तान का नाम बरकरार है। लाख कोशिशों के बावजूद आतंकी गतिविधियों में शामिल देश का नाम बाहर नहीं निकल सका है। शुक्रवार को FATF की नसीहत के बाद इस्लामाबाद ने कहा है कि वह FATF संगठन के साथ मिलकर काम करेगा ताकि टेरर फंडिंग के खिलाफ उनके काम को जमीनी स्तर पर देखा जा सके और लिस्ट से उसका नाम निकाला जा सके। पाकिस्तान ने कहा कि वह ग्रे लिस्ट से हटाने से पहले आतंकवाद और मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों की फंडिंग का मुकाबला करने के लिए FATF से मिलकर काम करेगा।

शुक्रवार को FATF ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में ही रखा

पेरिस स्थित ग्लोबल मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर-फाइनेंसिंग वॉचडॉग ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की निगरानी में पाकिस्तान देशों की ग्रे लिस्ट में बना रहेगा। FATF ने कहा कि टेरर फंडिंग तंत्र का मुकाबला करने पर अपने सुधारों के कार्यान्वयन को सत्यापित करने के लिए साइट पर जाने के बाद पाकिस्तान को सूची से हटाया जा सकता है।

एफएटीएफ के निवर्तमान अध्यक्ष मार्कस प्लीयर ने कहा, पाकिस्तान को आज ग्रे लिस्ट से नहीं हटाया जा रहा है। अगर साइट पर जाकर पता चलता है कि उसकी कार्रवाई टिकाऊ है तो उसे हटा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को हटाने की औपचारिक घोषणा स्थल पर निरीक्षण के बाद होगी, जो अक्टूबर से पहले किया जाएगा।

क्या कहा पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने?

इस्लामाबाद में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पाकिस्तान की विदेश राज्य मंत्री हिना रब्बानी खार ने कहा कि सरकार अपने देश का नाम ग्रे लिस्ट से हटवाने के लिए काम कर रही है। जल्द ही एफएटीएफ के साथ मिलकर स्थलीय कार्यवाहियों को अंजाम दिया जाएगा ताकि संस्था को विश्वास हो सके कि पाकिस्तान टेरर फंडिंग के खिलाफ लगातार कार्रवाईयां कर रहा है। हिना रब्बानी खार ने बर्लिन में एफएटीएफ प्लेनरी में पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था।

2018 से ग्रे लिस्ट में है पाकिस्तान

पाकिस्तान जून 2018 से पेरिस स्थित FATF की ग्रे लिस्ट में है। पाकिस्तान पर आरोप है कि वह आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले मनी लॉन्ड्रिंग की जांच करने में विफल रहा है। यहां से लगातार टेरर फंडिंग की जा रही है लेकिन वह कार्रवाई नहीं कर रहा है। टेरर फंडिंग के खिलाफ पाकिस्तान ने अक्टूबर 2019 तक कार्य को पूरा करने के लिए कार्य योजना दी गई थी।

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