प्रयागराज में क्यों खास है त्रिवेणी संगम, क्यों यहीं महाकुंभ स्नान के लिए श्रद्धालुओं में रही होड़, कैसे मची अफरा-तफरी

प्रयागराज: महाकुंभ 2025 में मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर संगम नोज पर अचानक बढ़ी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई। बैरिकेड्स टूटने से श्रद्धालु अनियंत्रित हो गए, जिससे कई लोग घायल हो गए। घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है और राहत कार्य जारी है।

क्या है संगम नोज?
त्रिवेणी संगम, जहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदियों का मिलन होता है, हिंदू धर्म में एक अत्यंत पवित्र स्थान माना जाता है। इसी संगम के सबसे पवित्र स्नान स्थल को ‘संगम नोज’ कहा जाता है। मान्यता है कि इस स्थान पर स्नान करने से सभी पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। महाकुंभ के दौरान यहां स्नान का विशेष महत्व होता है, इसलिए लाखों श्रद्धालु इस पवित्र स्थान पर स्नान के लिए उमड़ते हैं।

तीथराज से विख्यात संगम का महत्व?
पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब देवता अमृत कलश (कुंभ) लेकर आकाश मार्ग से जा रहे थे, तब राक्षसों के साथ हुए संघर्ष के दौरान अमृत की बूंदें प्रयागराज, हरिद्वार, नासिक और उज्जैन में गिरी थीं। तभी से इन चार स्थानों पर कुंभ मेले का आयोजन होता है। प्रयागराज का महाकुंभ विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है और इसे तीर्थराज की उपाधि प्राप्त है।

कैसे मची भगदड़?
मौनी अमावस्या के अवसर पर लाखों श्रद्धालु संगम नोज पर पुण्य की डुबकी लगाने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि रात 2 बजे के करीब अचानक बैरिकेड्स टूट गए, जिससे भीड़ बेकाबू हो गई और भगदड़ मच गई। पुलिस व प्रशासन ने हालात संभालने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ इतनी अधिक थी कि अफरा-तफरी मच गई। कई श्रद्धालु अपने परिजनों से बिछड़ गए और कई लोग घायल हो गए।

प्रशासन सतर्क                                                                                                     प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। घायलों के इलाज के लिए अस्पतालों में विशेष व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वे शांति बनाए रखें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

Share post:

Popular

More like this
Related