सावन में रुद्राभिषेक का क्या है महत्व? जानिये

Sawan Somwar: शिव भक्तों के लिए सावन का महीना कुंभ के बराबर होता है। सावन में रुद्राभिषेक करने से सभी कष्टों का नाश और घर में लक्ष्मी का वास होता है। इसीलिए शिव मंदिरों में रुद्राभिषेक के लिए शिवभक्त उमड़ पड़े हैं। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए सावन का महीना सबसे बेहतर माना जाता है। इस महीने में शिव के पास पालन और संहार दोनों का भार होता है। भक्‍त भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं।

इस महीने में वास्तु शास्त्र से जुड़े कुछ उपाय करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है। जाने माने आचार्य संतोष शास्त्री ने बताया कि सावन के महीने में भगवान शिव की सच्चे मन से उपासना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। सावन का हर दिन शुभ और कल्याणकारी होता है। मान्यता है कि सावन में अलग-अलग मनोकामनाओं की पूर्ति के उपाय किए जाते हैं।

शास्त्रीजी ने बताया कि वास्तु शास्त्र के उपाय करने से घर- परिवार में खुशहाली बनी रहती है। इसके साथ धन, स्वास्थ्य और कार्यक्षेत्र में सुखद परिणाम सामने आते हैं। सावन में शुक्रवार के दिन विशेष उपाय करने से आर्थिक तंगी और कंगाली नष्ट हो जाती है। इस महीने में शिव उपासना से जीवन में धन की समस्‍याएं समाप्त हो जाती है।

इस दिन मंदिर जाकर भगवान शिव को जल अर्पित करें। इसके बाद नमःशिवाय का 108 बार जाप करें। इसके बाद मां लक्ष्मी के मंत्र का जाप करें। इनका मंत्र है- ‘ॐ श्रीं ह्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मयै नम:. मंत्रजाप के बाद शाम को पहले शिवजी की आरती करें। फिर मां लक्ष्मी की आरती करें। फिर महादेव और मां लक्ष्मी से धन प्राप्ति की प्रार्थना करें।

जीवन में अगर कर्ज से परेशान हैं तो घबराएं नहीं। रोजाना शिवलिंग पर लाल फूल चढ़ाएं। इसके बाद “नमः शिवाय” बोलते हुए शिवलिंग को जल अर्पित करें। फिर मां लक्ष्मी को लाल गुलाब का फूल चढ़ाएं और मीठे पकवान का भोग लगाएं। शिवलिंग की परिक्रमा करें और दोनों देवी-देवता से कर्ज मुक्ति की प्रार्थना करें। घर में सुख-शांति, खुशहाली और समृद्धि के लिए सावन में घर में रोजाना गंगाजल का छिड़काव करें।

सावन में रुद्राक्ष धारण करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है। सावन में घर में तुलसी का पौधा स्थापित करें। तुलसी के पौधे को उत्तर दिशा में लगाएं। सावन में हर सोमवार को भगवान शिव का स्मरण करते हुए व्रत रखें और वस्त्र अर्पित करें। साथ ही तामसिक भोजन से दूर रहें। सावन में रोजाना शिवलिंग पर जल में देशी घी मिलाकर अर्पित करने से शारीरिक बीमारियां दूर हो जाती हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर, महाकालेश्वर मंदिर, केदारनाथ मंदिर, बाबा बैद्यनाथ मंदिर, त्र्यम्बकेश्वर मंदिर आदि सभी बारह ज्योतिर्लिंग मंदिरों में जलाभिषेक करने के लिए भक्तों का आजकल तांता लगा हुआ है।

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