वक्फ बिल: सेंट्रल और स्टेट वक्फ काउंसिल में गैर-मुस्लिम और महिलाओं की भागीदारी

नई दिल्ली: वक्फ बिल पर संसद में चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि सेंट्रल वक्फ काउंसिल में 22 सदस्यों में से 10 सदस्य मुस्लिम समुदाय से होंगे, जबकि अधिकतम 4 सदस्य गैर-मुस्लिम समुदाय से रहेंगे। इनमें दो महिलाएं भी शामिल होंगी। इसके अलावा, काउंसिल में तीन सांसद, दो पूर्व जज (सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट से) और एक एडवोकेट भी रहेंगे।

वक्फ की परिभाषा और संपत्तियों का महत्वरिजिजू ने स्पष्ट किया कि वक्फ वही बना सकता है, जिसने कम से कम 5 वर्षों तक इस्लाम की प्रैक्टिस की हो। उन्होंने कहा कि भारत में सबसे अधिक जमीन इंडियन रेलवे के पास है, इसके बाद डिफेंस और फिर वक्फ बोर्ड का स्थान आता है। उन्होंने सवाल उठाया कि दुनिया में सबसे अधिक वक्फ प्रॉपर्टी भारत में है, फिर भी देश के मुस्लिम समुदाय की आर्थिक स्थिति कमजोर क्यों है? उन्होंने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2014 में चुनाव से पहले 123 प्राइम प्रॉपर्टी दिल्ली वक्फ बोर्ड को ट्रांसफर कर दी गई थी, लेकिन इससे कांग्रेस को चुनावी फायदा नहीं हुआ।

वक्फ बिल की प्रमुख बातें

  • जो प्रॉपर्टी पहले से रजिस्टर्ड हो चुकी है, उस पर कोई हस्तक्षेप नहीं होगा।
  • यह कानून किसी की जमीन छीनने या प्रॉपर्टी हड़पने के लिए नहीं है।
  • जो प्रॉपर्टी विवादित है और अदालत में लंबित है, उसमें सरकार कोई दखल नहीं देगी।
  • वक्फ उन्हीं संपत्तियों पर किया जा सकता है, जो सौ फीसदी किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत संपत्ति हो। बच्चों और महिलाओं के अधिकार सुरक्षित रहेंगे।
  • सरकारी जमीन और विवादित संपत्तियों की देखरेख कलेक्टर से ऊपर के अधिकारी करेंगे।
  • आदिवासी हितों को ध्यान में रखते हुए शेड्यूल 5 और शेड्यूल 6 क्षेत्रों में वक्फ प्रॉपर्टी क्रिएट नहीं की जा सकती।
  • वक्फ ट्राइब्यूनल में तीन सदस्य होंगे और उनका कार्यकाल 6 वर्ष का होगा।

वक्फ संपत्तियों में सुधार की जरूरतमंत्री ने जोर दिया कि वक्फ संपत्तियों का सही प्रबंधन होना चाहिए ताकि मुस्लिम समुदाय को अधिक लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि रेलवे की संपत्ति या डिफेंस की संपत्ति देश की होती है, उसी प्रकार वक्फ संपत्तियों का सही उपयोग होना चाहिए।

रिजिजू की इस घोषणा के बाद संसद में चर्चा गर्मा गई और विभिन्न दलों ने इस पर अपनी राय रखी। इस बिल के जरिए सरकार वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रशासन और पारदर्शिता को बढ़ावा देना चाहती है।

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