उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में शुक्रवार (3 जून 2022) को अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों की पुलिस से झड़प के बाद हिंसा भड़क गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस द्वारा कुछ स्थानीय लोगों पर लाठीचार्ज करने के बाद यतीमखाना के पास बेकनगंज इलाके में हिंसा भड़क गई। कानपुर के सीपी विजय मीणा ने बताया कि बाजार बंद को लेकर दो समुदायों के बीच हुई झड़प के मद्देनजर 18 लोगों को हिरासत में लिया गया है। डीएम नेहा शर्मा ने कहा कि स्थिति अब कंट्रोल में है। पत्थरबाजों पर कार्रवाई की जा रही है, साथ ही साजिश करने वालों की पहचान की जा रही है।
पुलिस ने मंगाई अतिरिक्त फोर्स: ये बवाल उस वक्त हुआ जब पीएम मोदी और राष्ट्रपति के आने के चलते शहर में काफी सुरक्षा व्यवस्था थी। पीएम, राष्ट्रपति के साथ शहर से करीब 70 किलोमीटर दूर एक कार्यक्रम में मौजूद हैं। वहीं दूसरी ओर यतीमख़ाने के पास माहौल बिगड़ गया। कानपुर के बेकनगंज इलाके में शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे बवाल हो गया। बवाल के बाद शहर में सैकड़ों लोग विरोध में सड़कों पर उतर आए। अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने विरोध में दुकानें बंद कर दीं और उन्होंने पैगंबर मोहम्मद के अपमान को लेकर जुलूस निकाला। हालांकि शुरू में स्थिति को नियंत्रण में कर लिया गया था, लेकिन थोड़ी देर बाद हिंसा फिर से शुरू हो गई और गोलियां चलाई गईं। जिसके बाद पुलिस ने अतिरिक्त फोर्स मंगाई।
इलाके में पथराव और बमबाजी: कानपुर के परेड चौराहे पर मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने बीजेपी प्रवक्ता नूपुर शर्मा के विरोध में बंद का आयोजन किया था। जिसके बाद विवाद पैदा हुआ और दो समुदाय के बीच जमकर पथराव हुआ। इस दौरान सड़क पर काफी संख्या में लोग जमा हो गए और पुलिस पर भी पथराव किया। स्थिति को देखते हुए कई थानों की पुलिस फोर्स को बुलाया गया। हालांकि, पुलिस कमिश्नर का कहना है कि अब हालात सामान्य हैं।
कई लोग घायल: इस पथराव में कई लोग घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। पथराव शुरू होने के वक्त बाजार में काफी लोग मौजूद थे, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। पुलिस ने लाठीचार्ज कर लोगों को खदेड़ा। बवाल की शुरुआत एक सामाजिक संस्था के मुस्लिम इलाकों में बंदी के ऐलान से हुई। इस दौरान जुमे की नमाज के चलते परेड चौराहे पर सैकड़ों लोग इकट्ठा थे। दरअसल, बीजेपी प्रवक्ता नूपुर शर्मा के टीवी डिबेट के दौरान पैगंबर मुहम्मद साहब पर टिप्पणी किए जाने से मुस्लिम समाज नाराज था।
कांग्रेस ने कानपुर में हुए इस बवाल को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने ट्विटर पर लिखा, “भाजपा ने भीड़तंत्र के रूप में जो भस्मासुर पाले हैं, अब वे रंग दिखा रहे हैं। कितनी गंभीर बात है कि देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री सभी कानपुर में हैं, उसके बाद भी वहां हिंसा भड़क गई। यूपी में कानून का राज खत्म हो चुका है। आम जनता से अपील है कि कृपया शांति बनाएं रखें।”
कानपुर देहात पहुंचे पीएम मोदी: वहीं, शुक्रवार को कानपुर देहात में राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द के पैतृक ग्राम परौंख में राष्ट्रपति के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कार्यक्रम है। पथरी देवी मंदिर और मिलन केंद्र में कार्यक्रम की तैयारी की गई है और पंडाल सजाया गया है। यहां पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं।
कानपुर देहात पहुंचे पीएम मोदी ने कहा, “आज जब राष्ट्रपति मुझे लेने आए तो मैं शर्मिंदा था। हम उनके अधीन काम कर रहे हैं, उनके पद की एक पवित्रता है, लेकिनउन्होंने मुझे बताया कि वह संविधान का सम्मान करते हैं, पर मूल्यों की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि वह एक ग्रामीण के रूप में मेरा स्वागत करने आए थे, न कि एक राष्ट्रपति के रूप में।”




