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देहरादून, 25 अगस्त 2021

विधानसभा के मानसून सत्र में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान कई सवालों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। विपक्ष ने भू कानून पर सरकार के लिखित जवाब को असंगत करार दिया तो धान खरीद के आंकड़ों पर भी सवाल उठाए। बहस के दौरान विधायक संजय गुप्ता की टिप्पणी पर विवाद बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष ने टिप्पणी कार्यवाही से हटाने के निर्देश दिए।

प्रश्नकाल की सूची में पहला प्रश्न कांग्रेस विधायक मनोज रावत की ओर से भू कानून को लेकर दर्ज था। रावत ने प्रदेश में जमीन खरीद की सीमा निर्धारित करने को लेकर सरकार की तैयारी पर सवाल पूछा था, लेकिन सरकार की तरफ से इसका लिखित जवाब मनोज रावत द्वारा एक दिन पहले पूछे गए भूमिहीन लोगों के सवाल पर दे दिया गया।

जिस पर विपक्ष ने सवाल खड़े कर दिए। हालांकि संसदीय कार्यमंत्री बंशीधर भगत ने मौखिक जवाब देते हुए कहा कि कृषि भूकि के लिए 12.5 एकड़, आवासीय भूमि के लिए 250 वर्ग मीटर की सीमा पहले से ही लागू है। फिर भी सीएम इस विषय पर विचार के लिए उच्च स्तरीय समिति की घोषणा कर चुके हैं। विधानसभा अध्यक्ष के हस्तक्षेप पर बाद में सरकार की तरफ से इस सवाल का सही लिखित जवाब दिया गया।

इधर, विधायक काजी निजामुद्दीन के धान खरीद को लेकर पूछे गए सवाल पर भी सदन में तीखी बहस देखने को मिली। काजी ने सरकार के आंकड़ों पर सवाल खड़ा करते हुए खरीद के आंकड़ों से घोटाला होने का संदेह जाहिर किया। उन्होंने कहा कि 30 दिन में 15 लाख मीट्रिक टन खरीद संभव नहीं है। विपक्ष के तेवरों के बीच कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय भी 10 लाख मीट्रिक टन की खरीद हुई थी, तो क्या यह भी घोटाला था।

इस बीच विधायक संजय गुप्ता की एक टिप्पणी पर नेता विपक्ष के एतराज के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने उक्त टिप्पणी सदन की कार्रवाई से हटाने के निर्देश दिए। प्रीतम ने विधायक कुंवर प्रणव चैम्पियन की टिप्पणी पर भी कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि चैम्पियन सदन की कार्रवाई को मनोरंजन का साधन न समझें। सत्र के दौरान, विपक्षी दल के नेताओं ने सरकार को घेरने की कोई कमी नहीं छोड़ी।