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कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर हरिद्वार में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु हर की पैड़ी पर पहुंचकर गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। बताया जा रहा है कि इस साल अप्रैल में हुए महाकुंभ के बाद आज हरिद्वार में सबसे अधिक 12 लाख पर्यटक आए। इस दौरान अधिकांश पर्यटकों ने सोशल डिस्टेंसिंग और फेस मास्क पहनने के कोविड नियमों का उल्लंघन किया।

हरिद्वार पुलिस के वरिष्ठ अधीक्षक योगेंद्र सिंह रावत के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा स्नान में कुमाऊं मंडल, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और अन्य राज्यों से लगभग 12 लाख तीर्थयात्री हरिद्वार पहुंचे। उन्होंने बताया कि विस्तृत सुरक्षा यातायात और तीर्थ प्रबंधन के उपाय किए गए थे। पूरे मेला सेक्टर को 9 जोन और 32 सेक्टरों में बांटा गया था। आतंकी खतरे के मद्देनजर, 2 बम निरोधक दस्ते, खोजी दस्ते, घुड़सवार इकाई, प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी और स्थानीय खुफिया इकाई के कर्मियों के साथ-साथ यातायात पुलिस कर्मियों को भी तैनात किया गया था। पुलिस ने तीर्थयात्रियों से मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन करने का भी आग्रह किया।

क्यों

हरिद्वार पुलिस के वरिष्ठ अधीक्षक योगेंद्र सिंह रावत के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा स्नान में कुमाऊं मंडल, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और अन्य राज्यों से लगभग 12 लाख तीर्थयात्री हरिद्वार पहुंचे। उन्होंने बताया कि विस्तृत सुरक्षा यातायात और तीर्थ प्रबंधन के उपाय किए गए थे। पूरे मेला सेक्टर को 9 जोन और 32 सेक्टरों में बांटा गया था। आतंकी खतरे के मद्देनजर, 2 बम निरोधक दस्ते, खोजी दस्ते, घुड़सवार इकाई, प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी और स्थानीय खुफिया इकाई के कर्मियों के साथ-साथ यातायात पुलिस कर्मियों को भी तैनात किया गया था। पुलिस ने तीर्थयात्रियों से मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन करने का भी आग्रह किया।

क्यों खास है कार्तिक पूर्णिमा?
हिंदू धर्म शास्त्र में कार्तिक मास काफी खास माना जाता है। कार्तिक पूर्णिमा के साथ भी कई धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। एक मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव ने राक्षस त्रिपुरासुर का वध किया था इसलिए इसे त्रिपुरारी पूर्णिमा भी कहा जाता है। शास्त्रों के जानकार कहते हैं कि कार्तिक पूर्णिमा पर देवता भी पवित्र नदियों पर आकर स्नान करते हैं इसलिए कार्तिक पूर्णिमा पर पवित्र स्थलों पर गंगा स्नान और दान आदि करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।

खास है कार्तिक पूर्णिमा?

हिंदू धर्म शास्त्र में कार्तिक मास काफी खास माना जाता है। कार्तिक पूर्णिमा के साथ भी कई धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। एक मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव ने राक्षस त्रिपुरासुर का वध किया था इसलिए इसे त्रिपुरारी पूर्णिमा भी कहा जाता है। शास्त्रों के जानकार कहते हैं कि कार्तिक पूर्णिमा पर देवता भी पवित्र नदियों पर आकर स्नान करते हैं इसलिए कार्तिक पूर्णिमा पर पवित्र स्थलों पर गंगा स्नान और दान आदि करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।