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देहरादून, 9 अक्टूबर 2021

नीति आयोग के उपाध्यक्ष डा. राजीव कुमार ने कहा कि उत्तराखंड के विकास में आयोग मददगार की भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य की हर जरूरत को पूरा करने के प्रयास किए जाएंगे। शनिवार को सचिवालय सभागार में नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री व राज्य के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।

अफसरों ने सरकार जरूरतों को नीति आयोग के सामने रखा। नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि आयोग राज्य के विकास में मददगार की भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य के पक्ष को पूरी मजबूती के साथ केंद्र के सामने रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न विषयों पर राज्य के पक्ष को लेकर नीति आयोग केंद्रीय मंत्रालयों से बात करेगा।

उन्होंने अधिकारियों को कहा कि वे भी इस संदर्भ में मंत्रालयों में संपर्क बनाएं। उन्होंने राज्य के विकास के लिए सेक्टर वार समग्र प्लान बनाने के साथ ही जिलों के बीच प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने को कहा। महत्वपूर्ण संकेतकों पर विशेष ध्यान देने और मॉनीटरिंग पर भी उन्होंने जोर दिया। उन्होंने निवेश को धरातल पर उतारने के लिए प्रक्रिया को सरल बनाने और सिंगल विंडो सिस्टम को प्रभावी बनाने को कहा।

फारेस्ट क्लीयरेंस का सरलीकरण होगा
डा राजीव कुमार ने बैठक में दिए गए राज्य के प्रस्तुतीकरण को सुनने के बाद कहा कि फोरेस्ट क्लीयरेंस की प्रक्रिया को सरल किये जाने की जरूरत है। इस संबंध में राज्य सरकार के जो भी सुझाव हैं नीति आयोग को दिए जाएं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में केन्द्र से बात की जाऐगी। उन्होंने नेशनल पार्को में हाथियों और टाईगर की संख्या में बढोतरी को देखते हुए इनकी क्षमता बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की।

नेचुरल फार्मिंग पर फोकस
डॉ राजीव पाल ने आर्गेनिक फार्मिंग के साथ ही नेचुरल फार्मिंग पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। प्रत्येक ब्लॉक में एक गांव के प्राकृतिक कृषि के लिए समर्पित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में उच्च शिक्षा के लिए बेहतर शिक्षण संस्थाएं तैयार किए जाएं। उन्होंने कहा कि नीति आयोग राज्य को नदियों के पुनर्जीवन के लिए नमामि गंगे से राज्य को सहायता के प्रयास करेगा।