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नैनीताल, 12 नवंबर 2021

हाईकोर्ट ने शुक्रवार को नैनीताल जिले में रामगढ़ ब्लॉक के सतोली गांव में बिल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए पानी की बोरिंग किए जाने के खिलाफ ग्रामीणों की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने राज्य, केंद्र सरकार और बोरिंगकर्ता बिल्डर को नोटिस जारी किया है। साथ ही जिलाधिकारी नैनीताल को चार हफ्ते के भीतर इस संबंध में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि डीएम नैनीताल बताएं कि सतोली गांव में पानी के लिए किए गए अवैध बोरिंग के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है? अगली सुनवाई के लिए 22 दिसंबर की तिथि नियत की गई है। सुनवाई मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खंडपीठ में हुई।

याचिकाकर्ता सतोली के ग्रामीणों के अनुसार, भवाली निवासी विपिन पंत ने सतोली गांव में अपने आवासीय क्षेत्र में पानी के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी, जबकि उक्त व्यक्ति का गांव में मकान नहीं है। पूरे क्षेत्र में पहले से ही स्वजल की पेयजल लाइन उपलब्ध है। ग्रामीणों के मुताबिक, विपिन पंत को 2011 में बोरिंग की अनुमति दी गई थी, लेकिन उसने बोरिंग नहीं की। उसने 10 साल पहले मिली अनुमति के आधार पर पुन: एनओसी मांगी। इस पर नैनीताल तहसील ने पुरानी अनुमति को देखते हुए नए सिरे से अनुमति देने की आवश्यकता नहीं समझी और पुरानी अनुमति के आधार पर ही बोरिंग करने को कह दिया। याचिकाकर्ता का कहना है कि इसमें केंद्रीय भूजल प्राधिकरण की अनुमति लेनी जरूरी थी। कोर्ट ने राज्य सरकार, केंद्र सरकार, बोरिंगकर्ता बिल्डर को नोटिस जारी कर डीएम नैनीताल से कार्रवाई रिपोर्ट तलब की है।