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देहरादून, 8 जुलाई 2021

हाईकोर्ट ने प्रदेश के सेवानिवृत्त कर्मचारियों से स्वास्थ्य बीमा के नाम पर पेंशन से हर माह जबरन धनराशि काटने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरएस चौहान और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खण्डपीठ ने स्वास्थ्य सचिव और मुख्य सचिव को 14 जुलाई तक विस्तृत जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को होगी। देहरादून निवासी गणपत सिंह बिष्ट और अन्य की ओर से हाईकोर्ट में पेंशनर्स के लिए जनहित याचिका दायर की गई है।

इसमें कहा गया है कि राज्य सरकार ने स्वास्थ्य बीमा के नाम पर उनकी सहमति लिए बगैर 21 दिसम्बर 2020 को एक शासनादेश जारी कर दिया। इसके मुताबिक स्वास्थ्य बीमा के सापेक्ष एक जनवरी 2021 से उनकी पेंशन से अनिवार्य कटौती शुरू हो चुकी है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि पेंशन उनकी व्यक्तिगत संपत्ति है। सरकार इस पर बिना उनकी इजाजत कटौती नहीं कर सकती। सरकार का यह कदम पूरी तरह असंवैधानिक है। याचिका में कहा गया है कि पूर्व में यह व्यवस्था थी कि कर्मचारियों के बीमा की रकम सरकार खुद वहन करती थी, लेकिन अब पेंशन की रकम से इसकी कटौती की जा रही है। उन्होंने इस संबंध में जारी पूर्व व्यवस्था ही लागू करने की मांग की है।