
देहरादून, 14 सितम्बर 2021
देहरादून के जिला अस्पताल में 100 बेड की क्षमता का नया भवन बनकर तैयार है। पांच माह बाद भी इसको शुरू नहीं कराया जा सका है। मरीजों को यहां पर आईसीयू, आधुनिक ओटी समेत विभिन्न सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। मरीजों को रेफर करना पड़ रहा है। मंत्री, स्थानीय विधायक और डीएम इस मामले में हस्तक्षेप कर चुके हैं। लेकिन अफसर इसे शुरू नहीं करा पा रहे हैं।
बताया गया है कि अस्पताल को हैंडरओवर करने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है, अस्पताल प्रबंधन एवं कार्यदायी संस्था की बैठक हो गई है। लेकिन महानिदेशालय स्तर पर एक अफसर ने इसमें कुछ आपत्तियां लगा दी हैं। महानिदेशालय एवं अस्पताल प्रबंधन के बीच समन्वय नहीं होने से दिक्कत हो रही है।
अस्पताल के सामने हरियाली, पेड़ कम लगाने, सोलर पैनल और शौचालयों संबंधी कई दिक्कतें हैं। वहीं कार्यदायी संस्था का दावा है कि पेड़ 200 की जगह 350 लगाए गये। सोलर पैनल की जगह बड़ा जनरेटर लगवा दिया गया। अफसरों की आपसी लड़ाई से मरीजों को सुविधाओं में लेटलतीफी सामने आ रही है। अस्पताल के संचालन को अभी नये डाक्टर एवं स्टाफ की तैनाती भी महानिदेशालय स्तर पर लंबित है। करीब 10-15 नये डाक्टरों एवं करीब 50 नर्सिंग स्टाफ एवं इतने ही वार्ड ब्वॉय की जरूरत होगी
अफसरों को कई बार कह चुके: विधायक
राजपुर विधायक खजानदास ने कहा कि जिला अस्पताल की नई बिल्डिंग सरकार की प्राथमिकता में है। अफसरों को जल्द शुरू करने को कई बार कहा जा चुका है। मै खुद दौरा कर पूछूंगा कि आखिर क्यों अस्पताल शुरू नहीं हो रहा है। मुख्यमंत्री की भी विजिट कराई जाएगी। जनता को दी जाने वाली सुविधाओं में लापरवाही नहीं होनी चाहिये।
नई बिल्डिंग को हैंडओवर करने की प्रक्रिया चल रही है। कुछ कमियां बताई गई हैं, जिनको पूरा कराया जा रहा है। डाक्टर और स्टाफ जल्द मिलने की उम्मीद है। गांधी अस्पताल में आईसीयू के स्टाफ को भी डिमांड गई है। लिफ्ट की समस्या का जल्द समाधान हो जाएगा।







