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देहरादून, 8 दिसंबर 2021

सीडीएस बिपिन रावत के निधन से सशत्र सेनाओं के शिखर पर पहुंचे उत्तराखंड के दोनों बेटों का सेवा के दौरान निधन होने का दुखद दुर्योग बन गया है। देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत नहीं रहे। तमिलनाडु के कुन्नूर में आज हुए हेलिकॉप्टर हादसे में उनकी, पत्नी और 11 अन्य अफसरों के साथ मौत हो गई। भारतीय वायुसेना ने सीडीएस जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और 11 अन्य लोगों की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत की पुष्टि की है।

इससे पूर्व जनरल बिपिन चंद्र जोशी का थल सेनाध्यक्ष रहते हुए आकस्मिक निधन हुआ था। इत्तेफाक से दोनों के नाम बिपिन ही रहा। पूर्व आर्मी चीफ जनरल बिपिन चंद्र जोशी का जन्म 05 दिसम्बर 1935 को पिथौरागढ़ में जन्म हुआ था। जनरल जोशी अल्मोड़ा जिले के दन्या के मूल निवासी थे।  जोशी थल सेनाध्यक्ष पद पर पहुंचने वाले उत्तराखंड के पहले सैन्य अधिकारी बने।

वे भारतीय थल सेना के 17वें प्रमुख बने। लेकिन सेवाकाल के दौरान ही 18 नवम्बर 1994 को उनका नई दिल्ली के मिलिट्री हॉस्पिटल में आकस्मिक निधन हो गया । तब वो 58 वर्ष के थे, इस तरह उनका सेवा काल अभी करीब एक साल बचा हुआ था।  बिपिन चंद्र जोशी ने 04 दिसम्बर 1954 को सेकेंड लान्सर (गार्डनर्स हॉर्स) इंडियन आर्म्ड कॉर्प्स में भारतीय सेना में कमीशन हासिल किया।

आर्मी चीफ बनने से पहले बिपिन चंद्र जोशी डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशन (डीजीएमओ) और जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (दक्षिणी कमान) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी रह चुके थे। जनरल जोशी को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए परम विशिष्ट सेवा मेडल (पीवीएसएम), अति विशिष्ट सेवा मेडल (एवीएसएम) और एडीसी से भी नवाजा गया।