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देहरादून, 7 नवंबर 2021

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केदारनाथ दौरे के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच ‘जूता वार’ शुरू हो गई। भाजपा ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का वर्ष 2013 की आपदा के दौरान केदारनाथ मंदिर के भीतर जूते पहनकर प्रवेश करते का वीडियो वायरल किया है। हालांकि उस वक्त गोदियाल मंदिर और आसपास आपदा का शिकार बने लोगों के शवों को हटाने और सफाई का काम कर रहे थे।

भाजपा के वीडियो के जवाब में कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान ठीक मंदिर के सामने जूता पहने बैठे मंत्रियों के फोटो जारी कर दिए। भाजपा के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर बीते रोज वर्ष 2013 यह वीडियो जारी किया गया। इसमें गोदियाल गर्भग़ह के भीतर एक टीवी चैनल के रिपोर्टर के साथ बातचीत करते हुए तबाही का मंजर दिखा रहे हैं। इस वीडियो में गोदियाल जूते पहने दिखाई दे रहे हैं।

इस वीडियो के साथ पोस्ट में भाजपा ने लिखा है कि वर्ष 2013 की विभिषिका के दर्द में हरीश रावत के खास सहयोगी गणेश गोदियाल के पाप की खबर कहीं दब गई थी। उनके इस कृत्य के लिए उतराखंड और समस्त देश की जनता गोदियाल और उनके कर्ता धर्ता हरीश को कभी माफ नहीं करेगी। इस वीडियो के वायरल होने पर गोदियाल ने रविवार को पलटवार किया।

राजीव भवन में मीडिया से बातचीत में भावुक हो उठे गोदियाल ने कहा कि स्तरहीनता की भी एक सीमा होती है। लेकिन भाजपा नेताओं ने पतन की हर सीमा का लांघ दिया। जिस वक्त का वीडियो दिखाया जा रहा है, वह वक्त विभिषिका का वक्त था। पूर्जा नहीं हो रही थी। मैं वहां सुरक्षा कर्मियों के साथ दिन रात राहत और बचाव कार्य में लगा था। सात दिन तक वहीं रहा।

कई शव निकाले, 28 से ज्यादा लोगों की जान बचाई। उस वक्त मुझे केवल लोगों की सहायता करने का जूनून था। अपना होश तक नहीं था। रही बात जूते की तो उस वक्त मैं पूजा के उद्देश्य से मंदिर में नहीं गया था। मैं ही नहीं तमाम सुरक्षा कर्मी और राहत बचाव दल भी इसी प्रकार जान की परवाह न करते हुए मंदिर प्रांगण की सफाई और आपदा पीडि़तों की मदद कर रहे थे।

गोदियाल ने हाल में पीएम मोदी के केदारनाथ दौरे के कुछ फोटो जारी किए। कहा कि इन फोटो को देखिए, पीएम-सीएम समेत सभी मंत्री लोग जूते पहने हुए हैं। ये लोग तो पूजा करने आए थे, क्या इन्हें मर्यादाओं का ध्यान नहीं रहा? पूर्व सीएम हरीश रावत ने भी गोदियाल के बचाव में मोर्चा संभाला। कहा कि गोदियाल जी उस समय जूते पहन कर मंदिर में गये, जब मंदिर का गर्भगृह लाशों से अटा पड़ा था। उनको बाहर निकालना सबसे पहली दैवीय प्राथमिकता थी।

भाजपा का दिमाग में गंदगी भरी हुई है, इसलिए उसे जूता ही दिख रहा है। मैं वहां भगवान शिव की कृपा तले आपदा पीडि़तों की सहायत कर रहा था, वो उन्हें न दिखाई दिया। आज वो मेरी भक्ति के बजाए मेरा जूता देख रहे हैं, तो भविष्य में प्रदेश की जनता भी उन्हें जूता ही दिखाने जा रही है। इसमें कोई संदेह नहीं। भाजपा नेता मानसिक दिवालियापन की हर हद को पार कर चुके हैं।

कमलनाथ की गर्भगृह की फोटो पर भी विवाद

पीएम मोदी की केदारनाथ मंदिर में गर्भग़ह की पूजा के लाइव प्रसारण और फोटोग्राफी का विरेाध कर रही कांग्रेस पर भाजपा ने मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ के फोटो के जरिए हमला बोला। भाजपा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर कमलनाथ का गर्भगृ़ह के भीतर पूजा करते का फोटो जारी करते हुए कहा कि इस तस्वीर में हमें तो कोई गलती नजर नहीं आती।

लेकिन हरीश रावत और गोदियाल जी को आती हो तो वो कमलनाथ जी से अवश्य बात करें। शायद वो दोनों को समझा सके। इस पोस्ट में भाजपा ने कहा कि असली पाप तो गोदियाल जी ने 23 जून 2013 को किया था, जनता इनको और कांग्रेस को माफ नहीं करेगी। यह फोटो कमलनाथ ने खुद शेयर किया था। भाजपा पर पलटवर करते हुए पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि तो क्या भाजपा यह कहना चाहती है कि मोदी जी ने कमलनाथ जी का अनुसरण किया था?

कमलनाथ मंदिर तब गए थे जब दुनिया भर में मंदिर भवन और केदारेश्वर के क्षतिग्रस्त होने की अफवाह फैली हुई थी। कांग्रेस पुनर्निर्माण में लगी थी और भाजपा के नेता कह रहे थे कि जो भी उत्तराखंड आए वो सिर पर कफन बांध कर आए। भाजपा अपने पापों को याद करे।