
नैनीताल.
उत्तरकाशी जिला पंचायत अध्यक्ष की मुश्किलें बढ़ने जा रही हैं. वित्तीय अनिमितताओं के आरोप और मनमानी से बजट ठिकाने लगाने के मामले में हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब तलब किया है. हाई कोर्ट ने प्रमुख सचिव पंचायती राज, कमिश्नर गढ़वाल, डीएम उत्तरकाशी समेत जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजलवाण को नोटिस जारी किया है और 6 हफ्तों के भीतर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है. दरअसल बीजेपी नेता कुंवर जपिंदर सिंह ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर कहा कि उत्तरकाशी जिला पंचायत में करोड़ों का घोटाला हुआ है और इस घोटाले में जिला पंचायत अध्यक्ष समेत अन्य अधिकारी शामिल रहे हैं.
बीजेपी नेता ने की सीबीआई जांच की मांग
भाजपा नेता सिंह ने हाई कोर्ट में याचिका दायर करते हुए करोड़ो के घोटाले का आरोप लगाकर इस मामले में सीबीआई जांच की मांग उठाई. याचिका में कहा कि 5 दिसंबर 2020 को डीएम उत्तरकाशी की रिपोर्ट में भी वित्तीय अनिमितताओं की बात सामने आई थी और डीएम ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए अपना पक्ष दिया था. 18 जनवरी 2021 को पंचायती राज ने डीएम को जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया था.
प्रारंभिक जांच में वित्तीय गड़बड़ियां पाई जाने के बाद कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेज दी गई. याचिका में कहा गया कि जिला पंचायत में करोड़ों के घोटाले में सड़क निर्माण के लिए पैसा जारी किया गया, लेकिन सड़क बनी ही नहीं. जिन लेबरों को दर्शाया गया, वो मज़दूर ही फर्जी निकले. याचिका में ज़िला पंचायत अध्यक्ष समेत अन्य पर आपराधिक मामला दर्ज करने के साथ पूरे मामले की जांच सीबीआई से करने की मांग की गई है.
याचिका में यह भी बताया गया कि निर्माण कार्य में 2799.72 और सहकारी समिति कार्य योजना में 5 करोड़ 8 लाख 28 हजार 166 रुपये के साथ 8 कामों के भुगतान में 10 लाख 47 हजार 582 की धनराशि दो बार जारी की गई है. इन तमाम फैक्ट्स को पेश करते हुए याचिकाकर्ता ने कोर्ट से भ्रष्टचार के इस मामले में सीबीआई जांच तक की बात कही.







