देहरादून, 5 सितम्बर 2021

उत्तराखंड (Uttarakhand) में फ्री बिजली (Free Electricity) की घोषणा करना अब उर्जा मंत्री हरक सिंह रावत के लिए गले की हड्डी बनने लगा है. ऊर्जा मंत्री का कार्यभार संभालते ही मंत्री हरक सिंह रावत (Harak Singh Rawat) ने सौ यूनिट तक बिजली फ्री देने और दो सौ यूनिट तक पचास फीसदी शुल्क माफ करने की घोषणा की थी. इसके बाद सियासत गर्म हो गई. अब घोषणा को दो महीने होने को हैं, लेकिन फ्री बिजली तो छोड़िए, ऐसे किसी प्रस्ताव का ही अता-पता नहीं है. फिलहाल विपक्ष अब सरकार पर हमलावर है.

गौरतलब है कि आठ जुलाई को ऊर्जा मंत्री का कार्यभार संभालते ही मंत्री हरक सिंह रावत ने सौ यूनिट तक बिजली फ्री देने और दो सौ यूनिट तक पचास फीसदी शुल्क माफ करने की घोषणा कर सियासत का रूख ही मोड़ दिया था. इसके बाद हर कैबिनेट पर लोग टकटकी लगाए बैठे होते हैं कि क्या पता इस कैबिनेट में फ्री बिजली का प्रस्ताव आ जाए. इस इंतजार में दो महीने बीत गए. फ्री बिजली तो नहीं आई उर्जा मंत्री जरूर सुस्त पड़ गए हैं.

विधानसभा में पलट गए उर्जा मंत्री

उर्जा मंत्री विधानसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में कह चुके हैं कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है. तो दूसरी ओर मंत्री कह रहे हैं कि फ्री बिजली देने पर होने वाला व्यय भार की प्रतिपूर्ति कहां से होगी इसको अभी देखा जा रहा है.

कांग्रेस और आप का सरकार पर हमला

फ्री बिजली के इस मुददे पर अब कांग्रेस और आम आदमी पार्टी सरकार पर हमलावर हो गए हैं. कांग्रेस नेता मथुरा दत्त जोशी और आप प्रवक्ता रविंद्र आनंद ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि ये सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए बीजेपी का मात्र एक जुमला था.

मुमकिन नहीं लग रहा फ्री बिजली मिलना

कुल मिलाकर घोषणा जरूर की गई हो, लेकिन फिल्हाल फ्री बिजली की कोई उम्मीद नहीं नजर आती. फ्री बिजली के मुदृदे पर सियासत हो रही है. कांग्रेस और आप भी इस मामले पर यही करते देखे जा रहे हैं.