नई दिल्ली. उत्तराखंड (Uttarakhand) में विधानसभा चुनाव (assembly election) शुरू होते ही राजनीतिक गहमा गहमी तेज हो गई. इस बीच कांग्रेस की ओर से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पर कार्रवाई की गई है. पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते कांग्रेस ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय Kishor Upadhyay को सभी पदों से हटा दिया है. उनको लेकर पिछले कुछ दिनों से बीजेपी नेताओं के संपर्क में होने की चर्चाएं चल रही थीं.
बताया जा रहा है कि कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय और पूर्व सीएम हरीश रावत के बीच भी कई तरह के मतभेद चल रहे थे. उनकी गतिविधियों को देखते हुए बुधवार को कांग्रेस ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को चुनाव संबंधित समितियों समेत सभी पदों से हटा दिया है. इस संबंध में प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव ने आदेश जारी कर दिया है. इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस के भीतर हलचल तेज हो गई है. संगठन की ओर से भी पार्टी के प्रति निष्ठा से काम न करने वालों को सचेत कर दिया गया है.
किशोर उपाध्याय पर पार्टी विरोधी गतिविधियों और भाजपा के नेताओं से मुलाकात का आरोप लगा है. कांग्रेस ने इसे पार्टी के खिलाफ मुहिम मानते हुए कार्रवाई की है. आरोप है कि प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के रात के अंधेरे में भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री और चुनाव प्रभारी से मुलाकात की थी. इससे कांग्रेस के भीतर बहस शुरू हो गई थी.
कांग्रेस छोड़ने की चर्चाएं तेज
प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने चार जनवरी की रात भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार से मुलाकात की थी. इस दौरान वहां केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के चुनाव प्रभारी प्रल्हाद जोशी भी मौजूद थे. इस मुलाकात के बाद किशोर उपाध्याय के भाजपा में जाने की चर्चाएं तेज हो गईं थीं.




