उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू हो जाएगी, जिससे यह देश का पहला राज्य बन जाएगा। जहां विवाह, तलाक, बच्चा गोद लेना और संपत्ति के बंटवारे जैसे विषयों में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू होगा। आज दोपहर 12:30 बजे सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी UCC पोर्टल लॉन्च करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने UCC के महत्व पर कई मौकों पर जोर दिया है। उन्होंने 27 जून 2023 को कहा था कि भारत अलग-अलग समुदायों के लिए अलग-अलग कानून की दोहरी प्रणाली के साथ नहीं चल सकता। स्वतंत्रता दिवस 2024 पर लाल किले से भी पीएम मोदी ने समान नागरिक संहिता का जिक्र किया था।
कैसे हुआ UCC का वादा पूरा?
12 फरवरी 2022 को उत्तराखंड विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वादा किया था कि अगर बीजेपी सत्ता में लौटती है, तो राज्य में समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी। चुनाव जीतने के बाद सरकार ने इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए।
4 फरवरी 2024: UCC विधेयक को राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली।
6 फरवरी 2024: विधानसभा में विधेयक पेश किया गया।
7 फरवरी 2024: विधेयक ध्वनिमत से पारित हुआ।
13 मार्च 2024: राष्ट्रपति ने विधेयक को मंजूरी दी।
20 जनवरी 2025: मंत्रिमंडल ने UCC नियमों को अंतिम रूप दिया।
सीएम धामी का बयान
9 जनवरी 2025 को उत्तरायणी मेले के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “हमने देवभूमि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता कानून तैयार कर इसे लागू करने का वादा पूरा किया। यह राज्य का सम्मान और देश के लिए एक मिसाल है।”
पीएम मोदी का दौरा और राष्ट्रीय खेलों का शुभारंभ
उत्तराखंड में 28 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा प्रस्तावित है। वह देहरादून में 38वें राष्ट्रीय खेलों का शुभारंभ करेंगे। इससे एक दिन पहले UCC लागू करने का ऐलान राज्य सरकार की एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
UCC का उद्देश्य और प्रभाव
समान नागरिक संहिता का उद्देश्य राज्य में सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू करना है, चाहे उनका धर्म या जाति कुछ भी हो। यह कानून सामाजिक समानता और एकरूपता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उत्तराखंड के इस फैसले को देशभर में सराहा जा रहा है।




