आज, 24 जनवरी, उत्तर प्रदेश का स्थापना दिवस है। इस विशेष अवसर पर राज्य में तीन दिनों तक जश्न मनाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के इतिहास, संस्कृति, और विकास को समर्पित इस दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यवासियों को शुभकामनाएं देते हुए एक प्रेरणादायक संदेश भेजा। साथ ही, आज बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर की जन्म जयंती भी है। इस मौके पर पीएम मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया।
पीएम मोदी ने दी उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस की शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए लिखा, “उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस पर राज्य के अपने सभी भाई-बहनों को मेरी ढेरों शुभकामनाएं। भारतीय संस्कृति में अनगिनत पौराणिक और ऐतिहासिक कालखंडों की साक्षी रही यह पावन धरती पिछले आठ वर्षों से विकास के नित-नए अध्याय रचने में जुटी है। मुझे पूरा भरोसा है कि जनकल्याण के लिए समर्पित सरकार और यहां के लोगों की अद्भुत प्रतिभा एवं अथक परिश्रम से हमारा यह प्रिय प्रदेश विकसित भारत के निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देगा।”
उत्तर प्रदेश के इतिहास पर एक नज़र
24 जनवरी 1950 को उत्तर प्रदेश को उसका वर्तमान नाम मिला। आजादी के पहले यह प्रांत ‘यूनाइटेड प्रोविंस’ के नाम से जाना जाता था। 1949 में टिहरी गढ़वाल और रामपुर स्टेट को इसमें मिलाया गया, जिसके बाद 24 जनवरी 1950 को इसका नाम ‘उत्तर प्रदेश’ रखा गया। 1989 में पहली बार उत्तर प्रदेश दिवस मनाया गया। 2017 से इस दिवस को हर साल बड़े उत्साह से मनाया जा रहा है।
कर्पूरी ठाकुर जयंती पर पीएम की श्रद्धांजलि
आज बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और सामाजिक न्याय के मसीहा कर्पूरी ठाकुर की भी जन्म जयंती है। इस अवसर पर पीएम मोदी ने लिखा, “बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर जी को उनकी जन्म-जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। जननायक ने अपना संपूर्ण जीवन सामाजिक न्याय के लिए समर्पित कर दिया और इस दिशा में अनेक प्रयास किए। उनका जीवन और आदर्श देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा।”
दोनों अवसरों का ऐतिहासिक महत्व
उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस भारतीय इतिहास और विकास की यात्रा का प्रतीक है, जबकि कर्पूरी ठाकुर की जयंती समाज में समानता और न्याय के लिए किए गए उनके प्रयासों की याद दिलाती है। दोनों ही अवसर राष्ट्र निर्माण के प्रति योगदान को रेखांकित करते हैं। पीएम मोदी का यह संदेश लोगों को अपनी संस्कृति और आदर्शों से जुड़ने और प्रेरणा लेने का आह्वान करता है।




