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वाराणसी, 25 सितम्बर 2021

भारत में पहली बार पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के आसमान में रोपवे से लोग सफर करेंगे. अभी तक पहाड़ी इलाकों और पर्यटन क्षेत्रों में इसकी सुविधा है, लेकिन सामान्य यातायात में इसका प्रयोग पहली बार वाराणसी में हो रहा है. कैंट स्टेशन से गिरिजाघर तिराहे तक करीब 5 किमी का ये सफर होगा. जिसमें यात्रियों को हर डेढ़ मिनट में ट्राली मिलेगी. भारत सरकार की सहयोगी कंपनी वैपकॉस ने सर्वे से जुड़ी फाइनल रिपोर्ट वाराणसी विकास प्राधिकरण को सौंप दी है. बताया जा रहा है दो से तीन दिन में ये रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी.

वाराणसी में कैंट स्टेशन के बाहर पंडित कमलापति त्रिपाठी इंटर कॉलेज से परियोजना शुरू होगी. यानी इसी जगह से रोपवे शुरू होकर गोदौलिया से पहले गिरिजाघर तिराहे के बीच चलेगी. ये रूट कैंट स्टेशन के बाद साजन तिराहा, रथयात्रा, लक्सा होते हुए गिरिजाघर तिराहे तक रहेगा. स्टापेज साजन तिराहा और रथयात्रा हो सकते हैं.

5 किमी के रूट पर दौड़ेंगी 221 ट्राली

पांच किमी के इस रूट पर 221 ट्राली दौड़ेंगी. एक ट्राली में एक बार में दस मुसाफिर सफर कर सकेंगे. हालांकि कितने मिनट के अंतराल पर ट्राली मिलेगी, इसको लेकर अभी चर्चा नहीं हुई है, लेकिन बताया जा रहा है कि डेढ़ से दो मिनट का अंतराल हो सकता है.

परियोजना पर खर्च होंगे 424 करोड़

यूपी के शहरी आवास विभाग में संस्तुति के लिए दो से तीन दिन में भेजेगा. वहां से स्वीकृति के बाद रिपोर्ट केंद्र सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमी में भेजी जाएगी. वहां से सहमति मिलते ही योजना पर काम शुरू हो जाएगा. माना जा रहा है कि अक्टूबर के दूसरे हफ्ते तक फाइनल मुहर लगने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. इस पूरी परियोजना पर करीब 424 करोड़ रुपए खर्च होंगे. इसका पूरा खाका भारत सरकार की सहयोगी कंपनी वैपकॉस ने तैयार किया है.

वीडीए उपाध्यक्ष ईशा दुहन ने बताया कि पीपीपी मॉडल पर इस परियोजना को पूरा करने की योजना है. वाराणसी विकास प्राधिकरण इस पूरे प्रोजेक्ट की नोडल एजेंसी होगा. सर्वे रिपोर्ट के आधार पर वैपकास और वीडीए के बीच संसाधन के मुद्दे पर समझौता हो गया है.