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लखीमपुर, 7 अक्टूबर 2021

यूपी के लखीमपुर हिंसा मामले में पूछताछ के लिए जांच कमेटी ने दो लोगों को हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए आशीष पांडे ओर लवकुश गुप्ता दोनों केन्द्रीय मंत्री के करीबी बताए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर जांच कमेटी ने मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा टेनी को समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया है। पुलिस की जांच टीम ने तिकुनिया पहुंचकर घटनास्थल का दोबारा जायजा लिया और जली हुइ्र कार की फॉरेंसिक एक्सपर्ट टीम ने सैंपल लिए। आईजी लखनऊ रेंज लक्ष्मी सिंह ने गुरुवार को बताया कि फायरिंग या किसी हथियार के घायल होने की घटनाओं की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए हमें अन्य सबूतों के साथ आगे बढ़ना होगा जो हमें दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि लखीमपुर हिंसा मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है, उनसे पूछताछ भी की जा रही है। आईजी ने तीन अन्य लोगों की भी हिंसा में भूमिका की पुष्टि की है, उनकी मौत हो चुकी है। तकनीकी रूप से उनका भी हिसाब लगाया गया है। ये लोग बहुत सारी जानकारी दे रहे हैं। आईजी ने कहा कि, आशीष मिश्रा टेनी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने आरोप लगाया है कि अजय मिश्रा के बेटे टेनी हिंसा में शामिल थे। हालांकि, केंद्रीय राज्य मंत्री और उनके बेटे दोनों ने एसकेएम के आरोपों का खंडन किया है। इस बीच, पुलिस ने हिंसा स्थल पर खाली गोली के गोले बरामद किए हैं, उत्तर प्रदेश सरकार के सूत्रों ने एएनआई को बताया।

लखनऊ रेंज की आईजी ने कहा, लखीमपुर खीरी कांड में 8 लोगों की मौत की जांच के लिए खीरी में मुख्यालय के साथ सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में एक एकल सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया गया था। आयोग को जांच पूरी करने के लिए दो महीने का समय दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को निर्देशित मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए यूपी सरकार को निर्देश दिया कि वह इस बात पर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करे कि लखीमपुर खीरी हिंसा में किसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है और उनमें से कितने को गिरफ्तार किया गया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना और न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हेमा कोहली की पीठ ने इस घटना के संबंध में दर्ज मामले की स्थिति और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के समक्ष मामले में जनहित याचिकाओं पर यूपी सरकार से एक रिपोर्ट मांगी।