
गोरखपुर, 5 अगस्त 2021
गोरखपुर में बनने जा रहे उत्तर प्रदेश के पहले आयुष विश्वविद्यालय का शिलान्यास 28 अगस्त को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों होना प्रस्तावित है। इस समय गोरखपुर में इस शिलान्यास समारोह को भव्य बनाने की तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं।गुरुवार को गोरखपुर से अयोध्या रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आयुष विश्वविद्यालय के निर्माण स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
उन्होंने दूरबीन से पूरे स्थल का मुआयना किया। बारिश के चलते वहां पानी लगा देख उन्होंने कहा कि यथाशीघ्र यहां से पानी की निकासी हो जानी चाहिए। मौके पर मौजूद जिलाधिकारी विजय किरण आनंद ने बताया कि पानी निकासी का काम शुरू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने शिलान्यास समारोह को लेकर तैयार रोड मैप को भी देखा और कहा कि समय से पहले सभी तैयारियां मुकम्मल हो जानी चाहिए। जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप कार्यक्रम स्थल के करीब ही हेलीपैड निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस दौरान पिपराइच के विधायक महेन्द्रपाल सिंह और कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
एक ही परिसर में होगी आयुर्वेदिक, यूनानी, सिद्धा, होम्योपैथी और योग चिकित्सा की पढ़ाई
52 एकड़ क्षेत्रफल में बनने जा रहे राज्य के पहले आयुष विश्वविद्यालय में एक ही परिसर में आयुर्वेदिक, यूनानी, सिद्धा, होम्योपैथी और योग चिकित्सा की पढ़ाई और उस पर शोध कार्य होगा। इन विधाओं से यहां चिकित्सा भी सुलभ होगी। योग सहित प्राकृतिक व परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों को प्रोत्साहित करने में लगी योगीएक ही परिसर में होगी आयुर्वेदिक, यूनानी, सिद्धा, होम्योपैथी और योग चिकित्सा की पढ़ाई
52 एकड़ क्षेत्रफल में बनने जा रहे राज्य के पहले आयुष विश्वविद्यालय में एक ही परिसर में आयुर्वेदिक, यूनानी, सिद्धा, होम्योपैथी और योग चिकित्सा की पढ़ाई और उस पर शोध कार्य होगा। इन विधाओं से यहां चिकित्सा भी सुलभ होगी। योग सहित प्राकृतिक व परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों को प्रोत्साहित करने में लगी योगी सरकार का यह बड़ा कदम है। प्रदेश के आयुष विधा के 98 कॉलेज इस विश्वविद्यालय से संबद्ध होंगे। आयुष विद्यालय के निर्माण से किसानों को भी काफी फायदा होगा। विश्वविद्यालय की निगरानी में वे औषधीय खेती के लिए प्रेरित होंगे। इस विश्वविद्यालय में आयुष इंस्टिट्यूट व रिसर्च सेंटर भी होगा। विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए 299.87 करोड़ रुपये की डीपीआर कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग ने बनाई है। सरकार का यह बड़ा कदम है। प्रदेश के आयुष विधा के 98 कॉलेज इस विश्वविद्यालय से संबद्ध होंगे। आयुष विद्यालय के निर्माण से किसानों को भी काफी फायदा होगा। विश्वविद्यालय की निगरानी में वे औषधीय खेती के लिए प्रेरित होंगे। इस विश्वविद्यालय में आयुष इंस्टिट्यूट व रिसर्च सेंटर भी होगा। विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए 299.87 करोड़ रुपये की डीपीआर कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग ने बनाई है।
शिलान्यास के तत्काल बाद इस विश्वविद्यालय के निर्माण का काम शुरू हो जाएगा। सीएम योगी, आयुष विश्वविद्यालय में महाविद्यालयों की संबद्धता और अन्य प्रशासनिक कार्य सत्र 2021-22 से और विश्वविद्यालय में शिक्षण कार्य सत्र 2022-23 से प्रारंभ करने के निर्देश पहले ही दे चुके हैं। गोरखपुर में इस विश्वविद्यालय के खुलने से पूर्वांचल की छह करोड़ से अधिक जनता को चिकित्सा का एक और बेहतर विकल्प मिलेगा। विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य मार्च 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य तय है।







