
लखनऊ, 26 अगस्त 2021
प्रदेश के सात शहरों में नगर निगम वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए काम करेंगे। नगर विकास विभाग ने इन शहरों में नगर निगम के नगर आयुक्तों को नोडल अधिकारी बनाया है। इनका मुख्य काम प्रदूषण की रोकथाम के लिए कार्ययोजना तैयार कराना और उसे अमल में लाना होगा। जरूरत के आधार पर वायु प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए नगर निगम अधिनियम में दी गई व्यवस्था के अनुसार नियम बनाते हुए लागू कराना होगा।
शहरों में वायु प्रदूषण की समस्या काफी बड़ी है। खासकर 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद, प्रयागराज, मेरठ, वाराणसी और आगरा में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए 15वें वित्त आयोग से अलग से पैसा भी दिया गया है। पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के निर्देश पर इन शहरों में प्रदूषण की रोकथाम के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं।
शहरों की सबसे बड़ी समस्या कूड़ा प्रबंधन को लेकर है। कूड़े का ठीक से निस्तारण न होने की वजह से वायु प्रदूषण का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। नोडल अधिकारी जरूरत के आधार पर कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था कराएंगे। खुले में कूड़ा फेंके जाने पर सख्ती से प्रतिबंध लगाया जाएगा। इसके साथ ही सड़क के किनारे खुले में निर्माण सामग्री रखने पर भी प्रतिबंध लगाने पर विचार किया जाएगा, जिससे वायु प्रदूषण में कमी आए।







