नई दिल्ली, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर 23 जनवरी को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विवादित पोस्ट ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। इस पोस्ट में नेताजी की मृत्यु की तारीख का उल्लेख किए जाने पर अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
नेताजी की यादें मिटाने का आरोप
अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने राहुल गांधी पर नेताजी की विरासत और यादों को मिटाने का आरोप लगाया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रचूड़ गोस्वामी ने कहा कि राहुल गांधी वही कांग्रेस परंपरा का पालन कर रहे हैं, जिसने नेताजी को पहले पार्टी और फिर देश छोड़ने पर मजबूर किया। गोस्वामी ने दावा किया, “राहुल गांधी और उनके परिवार ने हमेशा नेताजी को भारत के लोगों की यादों से मिटाने की कोशिश की है। इस बार भी उन्होंने गलत जानकारी देकर यही किया।”
टीएमसी और बीजेपी का विरोध
पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने भी राहुल गांधी के पोस्ट पर कड़ी आपत्ति जताई है। टीएमसी ने इसे नेताजी की स्मृति का अपमान बताया, जबकि बीजेपी ने इसे ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ करार दिया। ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक, जिसका गठन नेताजी ने कांग्रेस से अलग होकर किया था, ने भी राहुल गांधी की आलोचना की।
क्या है विवाद का कारण?
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में नेताजी की मृत्यु की तारीख 18 अगस्त 1945 बताई थी। यह वही तारीख है, जब नेताजी का विमान ताइहोकू (ताइपे) में दुर्घटनाग्रस्त हुआ माना जाता है। हालांकि, नेताजी की मृत्यु की सही तारीख को लेकर आज तक कोई पुख्ता पुष्टि नहीं हुई है। उनके गायब होने के बाद कई आयोग बने, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला।
सड़क पर विरोध और प्रदर्शन
अखिल भारतीय हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने दक्षिण कोलकाता में नेताजी के पैतृक घर के पास विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राहुल गांधी के पोस्ट को भारतीय इतिहास और नेताजी की स्मृति के साथ खिलवाड़ बताया।




