यूपी पुलिस की गोली व बुलडोजर का खौफ अपराधियों में इतना कि गले में तख्ती लटका पहुंच रहे थाने, पांच साल में मारे गए 158 अपराधी

लखनऊ, माफिया और अपराधियों के विरुद्ध निर्भीक होकर लगातार की गई कार्रवाई के बलबूते यूपी पुलिस ने अपने इकबाल को कायम रखा है। कानून-व्यवस्था के जिस मुद्दे पर भाजपा ने 37 वर्ष बाद उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत की सरकार दोहराने का जो कीर्तिमान स्थापित किया है, उस व्यवस्था का कड़ा संदेश भी अपराधियों में एकदम साफ है।

उत्तर प्रदेश अभी नई सरकार का गठन नहीं हुआ है। योगी आदित्यनाथ 25 मार्च को दोबारा मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। लेकिन, अपराध व अपराधियों के विरुद्ध योगी की जीरो टालरेंस की नीति की रफ्तार कायम है। पुलिस की गोली और बुलडोजर का डर अपराधियों में इतना गहरा चुका है कि वे खुद अपने गले में जरायम से तौबा करने की तख्ती लटकाकर थानों में पहुंच रहे हैं।

पुलिस ने विधानसभा चुनाव के दौरान चार मार्च को जौनपुर में हुई मुठभेड़ में इनामी सतीश सिंह को मार गिराया था और सोमवार को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने वाराणसी में दो लाख के इनामी बदमाश मनीष सिंह उर्फ सोनू को मुठभेड़ में चित कर दिया। इतना ही नहीं, कठोर कार्रवाई के भय से अपराधी खुद थानों पर पहुंचकर समर्पण भी कर रहे हैं।

यूपी चुनाव में जो बुलडोजर विपक्ष के लिए एक जुमला बना हुआ था, उस बुलडोजर का वास्तविक खौफ अपराधियों में देखने को मिल रहा है। प्रतापगढ़ में दुष्कर्म के आरोपित युवक का समर्पण इसका गवाह है। पुलिस ने गिरफ्त से दूर आरोपित के घर के सामने रात को बुलडोजर खड़ा किया था। घर ढहाये जाने के डर से आरोपित अगली सुबह खुद पुलिस के सामने पहुंच गया था। इस घटना को लेकर इंटरनेट मीडिया पर तरह-तरह के संदेश भी खूब वायरल हुए थे।

कुछ ऐसा ही गोंडा में भी हुआ। जहां गल्ला व्यवसायी के अपहरण के मामले में वांछित 25 हजार रुपये के इनामी गौतम सिंह ने 15 मार्च को छपिया थाने में समर्पण किया था। आरोपित गौतम अपने भाई के साथ थाने पहुंचा था और उसके हाथ में एक तख्ती थी, जिस पर लिखा था कि मैं आत्मसमर्पण कर रहा हूं मुझे गोली मत मारो।

शाहजहांपुर में 16 मार्च को कुख्यात सुनील उर्फ टुईया हाथ में अपराध से तौबा करने की तख्ती लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और भविष्य में फिर कोई अपराध न करने की कसम खाई। ऐसे ही सहारनपुर में 15 मार्च को 12 हिस्ट्रीशीटर बदमाशों ने एक साथ चिलकाना थाने पहुंचकर भविष्य में कोई अपराध न करने की कसम खाई। 16 मार्च को सहारनपुर के ही थाना गागलहेड़ी में आठ हिस्ट्रीशीटर अपराधियों ने फिर किसी अपराध से तौबा की। वहीं 15 मार्च को मेरठ पुलिस ने ढाई लाख के इनामी बदमाश बदन सिंह उर्फ बद्दो व उसके साथियों द्वारा पार्क में किये गये अवैध निर्माण को ढहाकर बदमाशों को कठोर कार्रवाई का सीधा संदेश भी दिया।

दरअसल, उत्तर प्रदेश में 20 मार्च 2017 से अब तक 158 कुख्यात अपराधी पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में ढेर हुए हैं। इस वर्ष पुलिस मुठभेड़ में तीन माह में तीन अपराधी मारे गए हैं। सोमवार को दो लाख रुपये का इनाम घोषित तीसरा बदमाश मारा गया। एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार का कहना है कि पुलिस जीरो टालरेंस की नीति के तहत बिना किसी भेदभाव के अपराधियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है।

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