लखनऊ, उत्तर प्रदेश विधान परिषद में स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र की 36 एमएलसी सीटों के लिए हो रहे चुनाव में दूसरे चरण की छह सीटों के लिए अब 20 उम्मीदवार मैदान में बचे हैं। बुधवार को नामांकन पत्रों की जांच में पांच प्रत्याशियों के पर्चे खारिज हो गए। गोरखपुर-महाराजगंज और बलिया निर्वाचन क्षेत्र में अब दो-दो प्रत्याशी आमने सामने रह गए हैं। अब यहां भाजपा और सपा प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला होगा। 25 मार्च को नाम वापसी के बाद असली तस्वीर सामने आएगी।
एमएलसी की 36 सीटों के लिए नामांकन दो चरणों में हो रहे हैं। इनमें से पहले चरण में 30 सीटों के नामांकन पत्रों की जांच मंगलवार को पूरी हो चुकी है। इस दौरान 34 नामांकन निरस्त हुए थे। इन सीटों की नाम वापसी का अंतिम दिन गुरुवार 24 मार्च है। इसके बाद निर्विरोध निर्वाचन घोषित कर दिया जाएगा।
एमएलसी चुनाव के दूसरे चरण में छह सीटों के नामांकन पत्रों की जांच बुधवार को हुई। इसमें गोंडा, फैजाबाद, गोरखपुर-महराजगंज, देवरिया व बलिया स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र से एक-एक नामांकन पत्र निरस्त हो गया। अब सर्वाधित छह प्रत्याशी देवरिया में रह गए हैं।
फैजाबाद में चार, गोंडा व बस्ती-सिद्धार्थनगर में तीन-तीन, गोरखपुर-महराजगंज व बलिया में दो-दो प्रत्याशी बचे हैं। इन सीटों की नाम वापसी 25 मार्च को होगी। इसके बाद इन छह सीटों की स्थिति साफ होगी। 36 सीटों में निर्विरोध निर्वाचन के बाद बची सीटों पर चुनाव नौ अप्रैल को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक होगा। मतगणना 12 अप्रैल को होगी।




