मेरठ, यूपी विधानसभा चुनाव में विवादित बयानों की बौझारें भी शुरू हो गई हैं। ताजा बयान मेरठ में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी व विधायक रफीक अंसारी का आया है। रफीक अंसारी ने योगी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बीते पांच सालों में हर थाने पर हिंदूगर्दी थी। उन्होंने कहा कि इस सरकार में हालात ठीक नहीं हैं। अगर भाजपा सत्ता में फिर आई तो मेरठ में गुंडो का राज होगा।
क्या कहा रफीक अंसारी ने: बता दें कि रफीक अंसारी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें वो कहते दिखाई दे रहे हैं, “पिछले साल में हर थाने में गुंडागर्दी मचाई हुई है। हर थाने में हिंदूगर्दी मची है। साथियों मेरठ का नौजवान, मेरठ का मुसलमान कभी दबा नहीं, लेकिन इस सरकार ने आपको कुचलने का काम किया। आपको दबाने और खत्म करने का काम किया।”
#WATCH | …Meerut's Muslims, youth have never been suppressed, but they (BJP) attempted to suppress you…Circumstances are not right…If their govt is formed, there will be goons in Meerut: Rafiq Ansari, SP MLA, Meerut (1.02) pic.twitter.com/BmzjWgDUS8
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) February 2, 2022
भाजपा का पलटवार: इस वीडियो के वायरल होने के बाद भाजपा की तरफ से प्रतिक्रिया दी गई है। बता दें कि भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव चाहे जितना भी नकाब पहन लें। उनका असली चेहरा सामने आ ही गया है। उनकी हिंदू विरोधी मानसिकता रही है। भाजपा अगर हिंदुओं का प्रतिनिधित्व करती है तो समाजवादी पार्टी किस वर्ग की नुमाइंदगी करती है?
पूनावाला ने कहा कि सपा हिंदुओं पर गोली चलाने पर गर्व महसूस करती है। उसकी नजर में जिन्ना महान है। हिंदुओं का अपमान करके समाजवादी पार्टी वोट पाना चाहती है। योगी सरकार के दौरान यूपी में कानून-व्यवस्था बेहतर हुई है। माफियाओं एवं गुंडों पर सख्ती हुई है। इन सबकी वजह से विपक्षी दल परेशान हैं और उसके नेता भड़काऊ एवं विवादित बयान दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अखिलेश चाहे कितना भी श्रीकृष्ण और भगवान परशुराम का नकाब पहन लें, मगर मूलतः इनकी पार्टी का चेहरा हिंदू विरोधी रहा है।
बता दें कि यूपी चुनाव सात चरणों में होगा। जिसमें पहले चरण का मतदान 10 फरवरी को होगा। वहीं पिछली बार 2017 भी यूपी में सात चरणों में मतदान हुआ था। पिछली बार जहां भाजपा बहुमत हासिल करने में सफल रही थी वहीं इस बार भाजपा के अलावा सपा, कांग्रेस और मायावती की बहुजन समाज पार्टी के बीच मुकाबला होने की संभावना है।




