UP Assembly Election 2022: मियां-बीवी की लड़ाई में राजेश्वर सिंह खा गए मलाई

लखनऊ, बचपन में आप सभी ने दो बिल्लियों की कहानी तो जरुर सुनी होगी, जिसमें दो बिल्लियों की लड़ाई में बंदर को फायदा हो जाता है. लखनऊ की सरोजनी नगर सीट भी पति-पत्नी की ऐसी ही लड़ाई के चलते सुर्खियों में आ गई. इस सीट पर योगी सरकार की मंत्री स्वाति सिंह और उनके पति दयाशंकर सिंह दोनों ही अपनी दावेदारी ठोक रहे थे. लेकिन बीजेपी ने एक झटके में ही इस विवाद को सुलझा दिया. इस सीट पर न तो स्वाति सिंह को ही टिकट मिला और न ही दयाशंकर सिंह को, टिकट ED के ज्वाइंट डायरेक्टर रहे राजेश्वर सिंह को मिला.

पति-पत्नी की लड़ाई में तीसरे ने मारी बाजी

सुनने में भले ही आपको थोड़ा अजीब जरूर लग रहा होगा, लेकिन मजेदार बात ये है कि पति-पत्नी होने के बावजूद दोनों एक दूसरे का ही पत्ता साफ करने में लगे हुए थे, लेकिन इस जंग में तीसरे को फायदा हो गया. भले ही बीजेपी ने दयाशंकर को भी टिकट न दिया हो लेकिन उनका कहना है कि राजेश्वर सिंह उनके परिवार जैसे हैं और वो उनका पूरा समर्थन करेंगे. राजेश्वर सिंह प्रवर्तन निदेशालय के ज्वाइंट डायरेक्टर रह चुके हैं।

दिल्ली तक पहुंच गया था झगड़ा

यूपी चुनाव में सरोजनी नगर सीट पर सभी की नजर लगी हुई थी कि इस सीट पर बीजेपी किसे अपना उम्मीदवार बनाती है. स्वाति सिंह और उनके पति दयाशंकर सिंह दोनों ने इस क्षेत्र में अपने पोस्टर और बैनर लगवाने शुरू कर दिए थे और लोगों से जाकर मिल रहे थे. दिल्ली में टिकटों को लेकर मंथन चल रहा था तो दयाशंकर दिल्ली भी खुद के लिए टिकट मांगने पहुंच गए. ये खबर जैसे ही स्वाति सिंह को लगी वो भी पीछे नहीं रहीं और आलाकमान से पति की शिकायत करने पहुंच गईं. चुनाव से पहले स्वाति सिंह का एक ऑडियो भी सामने आया जिसमें वो अपने पति पर मारपीट का इल्जाम लगाते सुनाई दे रही थीं.

दयाशंकर की गलती से राजनीति में आईं स्वाति 

2016 में बीजेपी के दयाशंकर सिंह ने अगर बीएसपी सुप्रीमो मायावती के खिलाफ टिप्पणी ना की होती तो शायद स्वाति सिंह राजनीति का हिस्सा नहीं होतीं। लेकिन स्वाति सिंह के लिए उनके पति दयाशंकर सिंह का मायावती के खिलाफ बयान राजनीतिक अवसर लेकर आया। लखनऊ की सरोजनीनगर सीट से बीजेपी ने उन्हें टिकट दिया और वो विधानसभा पहुंचने में कामयाब हुईं। स्वाति सिंह सिर्फ विधायक ही नहीं बनीं, बल्कि वो योगी आदित्यनाथ सरकार की हिस्सा बनीं। यह बात अलग है कि वो अपने अच्छे कामों से अधिक विवादित कामों से ज्यादा जानी गईं।

विवादों से रहा है नाता

  1. बीजेपी सरकार बनने के सिर्फ दो महीने बाद मई 2017 में  बीयर शाप के उद्‌घाटन कार्यक्रम में पहुंचीं।
  2. सरोजनी नगर में में नवरात्र कार्यक्रम में 500-500 रुपए के नोट खुलेआम बांटने का आरोप लगा।
  3. अंसल बिल्‍डर को लेकर गंभीर आरोप लगा। सीओ कैंट के बातचीत का एक ऑडियो वायरल हुआ जिसमें वह बिल्‍डर के पक्ष में सीओ को बुरा भला कह रही थीं।
  4. बाल विकास पुष्‍टाहार विभाग में 38 करोड़ रुपये के टेंडर के मुद्दे पर प्रमुख सचिव के साथ विवाद ।
  5. तहसील दिवस के दौरान नायब तहसीलदार के साथ बहस चर्चा में रही। अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई का विषय विवाद में बदला।

स्वाति सिंह का सितारा विवादों से ही चमका था. यही वजह है कि उन्हें एक्सीडेंटल राजनेता भी कहा है. विवादों से वो चमकी और विवादों से ही उनका टिकट कट गया. लखनऊ की राजनीति में पति-पत्नी की इस लड़ाई को हमेशा याद रखा जाएगा.

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