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नई दिल्ली, 16 मार्च 2021

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किशन रेड्डी ने कांग्रेस द्वारा देशद्रोह कानून का दुरुपयोग करने के आरोप के बाद मंगलवार को पलटवार करते हुए कहा कि पार्टी को लोकतंत्र पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। रेड्डी की टिप्पणी लोकसभा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पंजाब के आनंदपुर साहिब निर्वाचन क्षेत्र के सांसद मनीष तिवारी द्वारा उठाए गए एक सवाल के जवाब में आई।

रेड्डी ने कहा, “दुरुपयोग को लेकर कांग्रेस जितना कम बात करे उतना ही बेहतर है। आप (कांग्रेस) ने जे.पी. नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और अन्य को मीसा (आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था अधिनियम) का दुरुपयोग करके जेल में डाल दिया। कांग्रेस को लोकतंत्र पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है।”

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “आपने 1980 में टाडा (आतंकवादी और विध्वंसकारी गतिविधियां (निरोधक) अधिनियम) के तहत कई लोगों को जेल में डाला। आपने मीसा के तहत पत्रकारों, छात्रों, राजनेताओं को जेल में डाला।”

प्रश्नकाल के दौरान बोलते हुए, रेड्डी वर्तमान वर्ष सहित पिछले दस वर्षों के दौरान देश भर में देशद्रोह के अपराध के तहत दर्ज मामलों की संख्या के विवरण पर सवाल का जवाब कर रहे थे। रेड्डी ने कहा कि मामलों को लागू करने में केंद्र की कोई सीधी भागीदारी नहीं है। जांच से लेकर चार्जशीट दाखिल करने और दोषी ठहराए जाने तक राज्य सरकारों द्वारा नियंत्रित किया जाता है।

केंद्र की इसमें कोई प्रत्यक्ष भागीदारी नहीं है। यह केवल राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है। केंद्र सरकार को केवल विवरणों के बारे में सूचित किया जाता है, क्योंकि इसे संसद के समक्ष रखा जाता है, जो एनसीआरबी (राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो) पर आधारित होता है। मंत्री ने कहा कि दिल्ली में 2019 में देशद्रोह का एक मामला, 2018 में एक और 2016 में दो मामले दर्ज किए गए।