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हरिद्वार, 3 अप्रैल 2021

कोविड-19 महामारी के बीच उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में कुंभ मेले की शुरुआत एक अप्रैल, 2021 से हो चुकी है, जो 30 अप्रैल तक चलेगी। इस दौरान महाकुंभ मेले में तीन शाही स्नान होंगे, जिसके चलते हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर ट्रेनें नहीं आएंगी। यानी अगर आप महाकुंभ मेले में स्नान के लिए आने की प्लानिंग कर रहे है तो यह खबर आपके लिए बेहद खास है। क्योंकि 11 अप्रैल तक हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर ट्रेनें नहीं आएंगी।

इन तारीखों को हरिद्वार रेलवे स्टेशनों पर नहीं आएंगी ट्रेनें

ट्रेनों को ज्वालापुर, रुड़की और लक्सर के रेलवे स्टेशनों पर रोक दिया जाएगा। इस बात की जानकारी एसपी जीआरपी मंजूनाथ टीसी ने दी है। मीडिया को ब्रीफ करते हुए एसपी जीआरपी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि 12 और 14 अप्रैल के शाही स्नान को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। 14 अप्रैल तक यह व्यवस्था रहेगी। इस दौरान उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को ज्वालापुर रेलवे स्टेशन पर उतारा जाएगा। ज्वालापुर स्टेशन फुल होने पर लक्सर और रुड़की में ट्रेनों को रोका जाएगा। यहां से शटल बसों से यात्रियों को लाया जाएगा पर वापसी हरिद्वार स्टेशन से होगी।

भारतीय रेलवे ने जारी की एसओपी

जीआरपी ने मुरादाबाद मंडल में पत्र भेज अपील की है कि 11 से 14 अप्रैल के बीच देहरादून और ऋषिकेश जाने वाली ट्रेनों को ज्वालापुर में ही रोका जाए। हालांकि, अभी तक इसकी अनुमति नहीं मिल सकी है। हालांकि, भारतीय रेलवे ने कुंभ मेले को देखते हुए ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। साथ ही कहा है कि सभी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाए। रेलवे ने यात्रियों के लिए जो दिशानिर्देश जारी किए हैं वो भारत सरकार द्वारा हरिद्वार कुंभ मेला 2021 के लिए जो मानक निर्धारित किए गए वो ही हैं।

कुंभ मेले में आने वालों के लिए निर्देश और नियम

– महाकुंभ हरिद्वार में आने वाले प्रत्येक यात्री को महाकुंभ मेला-2021 के वेब पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा। केवल पंजीकृत लोगों को ही मेला क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति मिलेगी।

– उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 72 घंटे पहले की कोविड निगेटिव आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट लाना अनिवार्य कर दिया है।

– अपने राज्य के नजदीकी समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र/जिला अस्पताल/मेडिकल कॉलेज से जारी किए गया वैक्सीन लगा चुके/मेडिकल प्रमाणपत्र का होना जरूरी है।

– यहां आने वाले लोगों के मोबाइल फोन पर या हार्ड कॉपी के रूप में नेगेटिव आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट (मेले में आने की तिथि से 72 घंटे पूर्व तक की) का होना भी जरूरी है।

– निर्देशों के मुताबिक अतिसंवेदनशील जनसंख्या (65 वर्ष से अधिक आयु, गर्भवती महिलाएं, 10 वर्ष से कम आयु के बच्चे, या वे जिन्हें कोई दूसरी बीमारी है) को कुंभ में न आने की सलाह दी जाती है।

– महाकुंभ मेले में किसी भी स्थान पर संगठित रूप से धार्मिक अनुष्ठान, भजन, गायन, कथा और भंडारे के आयोजन पर पूरी तरह से प्रतिबंधन लगा गया है।

शटल बसों से आएंगे हरिद्वार

ब्रीफ करते हुए एसपी जीआरपी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि श्रद्धालुओं को हरिद्वार रेलवे स्टेशन से पहले ही ज्वालापुर, रुड़की और लक्सर रेलवे स्टेशनों पर उतारा जाएगा। यहां से सभी को शटल बसों से हरिद्वार लाया जाएगा। जबकि वापस जाने वाले यात्रियों को हरिद्वार रेलवे स्टेशन से ही ट्रेनों में चढ़ाया जाएगा। ये नई योजना तैयार की गई है। इसके तहत श्रद्धालुओं को ज्वालापुर रेलवे स्टेशन पर उतारा जाएगा। यहां से शटल बस के माध्यम से उन्हें घाटों पर भेजा जाएगा।

पांच थाने और चार चौकियां बनाई

शाही स्नानों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जीआरपी ने अतिरिक्त थानों व चौकियों का निर्माण किया है। जीआरपी ने योगनगरी ऋषिकेश, हरिद्वार, ज्वालापुर, रुड़की, लक्सर रेलवे स्टेशनों पर अस्थायी थाने कुंभ मेले के लिए बनाए हैं। रायवाला, पुराना ऋषिकेश, मोतीचूर, ऐथल में अस्थायी पुलिस चौकियां बनाई गई हैं।

महाकुंभ में होंगे ये तीन शाही स्‍नान, जिसमें जुटेगी लाखों की भीड़

बता दें महाकुंभ मेले में 3 शाही स्‍नान होंगे। महाकुंभ में 13 अखाड़े, नागा साधु और महामंडलेश्‍वर मुख्‍य घार हरिद्धार हरि की पैड़ी पर ब्रहाकुंभ में मौ और कल्‍याण के लिए गंगा में डुबकी लगाएंगे। 1 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच में तीन शाही स्‍नान होंगे, जिसमें 12 अप्रैल सोमवती अमास्‍या पर शाही स्‍नान, 14 अप्रैल को बैसाखी पर शाही स्‍नान और 27 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा पर शाही स्‍नान होगा। इस दौरान कुंभ स्‍थल पर लाखों की संख्‍या में भीड़ जुटने की संभावना है।