नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 12 मार्च को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से डिस्चार्ज होने के बाद 17 मार्च को संसद में लौट आए। संसद में प्रवेश करते ही उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने उन्हें फूल देकर अभिनंदन किया, जबकि सत्ता और विपक्ष के सभी सांसदों ने खड़े होकर सम्मान प्रकट किया।
अस्पताल में भर्ती होने के बाद पहली बार पहुंचे संसद
9 मार्च को उपराष्ट्रपति धनखड़ को अचानक सीने में दर्द और बेचैनी की शिकायत हुई थी, जिसके बाद उन्हें दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया। वहां कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. राजीव नारंग की देखरेख में उनका इलाज हुआ। उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) में रखा गया। एक सफल चिकित्सा प्रक्रिया के बाद, जिसमें स्टेंट ट्रांसप्लांट भी शामिल था, उनकी तबीयत में सुधार हुआ और 12 मार्च को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
संसद में हुआ भव्य स्वागत, विपक्षी नेताओं ने भी जताई खुशी
संसद में लौटते ही पूरा राज्यसभा उनके स्वागत में खड़ा हो गया। नेता सदन जे.पी. नड्डा और नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उनकी लंबी उम्र की कामना की। खरगे ने कहा कि उन्हें लगा था कि उपराष्ट्रपति को कुछ दिन आराम की जरूरत होगी, लेकिन वे इतने जल्दी आकर सदन की अध्यक्षता संभाल लेंगे, यह किसी को उम्मीद नहीं थी।
धनखड़ ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस दौरान सोनिया गांधी से लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तक ने उनका हालचाल लिया। उन्होंने हंसते हुए बताया कि जब उन्होंने टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन को उनके जन्मदिन पर फोन किया, तो ओ’ब्रायन ने मजाकिया लहजे में कहा, “शट अप, आप आराम कीजिए।” इस पर पूरा सदन ठहाकों से गूंज उठा।
संसद में माहौल रहा शांत, सत्ता-विपक्ष में दिखी एकता
अक्सर सत्ता और विपक्ष के बीच नोकझोंक देखने को मिलती है, लेकिन इस दिन सदन का माहौल बिल्कुल अलग था। हर कोई उपराष्ट्रपति के जल्द स्वस्थ होने पर प्रसन्नता व्यक्त कर रहा था। जे.पी. नड्डा ने कहा, “आपका यह समर्पण और कार्य के प्रति उत्साह प्रेरणादायक है। पूरा सदन आपके स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करता है।”
मल्लिकार्जुन खरगे ने भी उन्हें बधाई देते हुए कहा, “आपका समर्पण देखकर लगता है कि आपके लिए काम ही पूजा है। हम चाहते हैं कि आप ऐसे ही स्वस्थ रहें और हमारे साथ हंसते-खेलते रहें।”
रेल मंत्रालय और मणिपुर के बजट पर चर्चा
संसद में आते ही उपराष्ट्रपति धनखड़ ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन शुरू कर दिया। उन्होंने राज्यसभा की कार्यवाही की अध्यक्षता की और मणिपुर के बजट एवं रेल मंत्रालय के कार्यों पर चर्चा का संचालन किया।
73 वर्षीय उपराष्ट्रपति का यह समर्पण और उत्साह संसद के लिए प्रेरणादायक है। विपक्ष और सत्ता पक्ष का यह दुर्लभ मेल एक मिसाल बन गया, जहां राजनीति से परे सभी ने एकजुटता दिखाई और उनके स्वस्थ होने की खुशी मनाई।




