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नई दिल्ली, 12 मार्च 2021

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक एनजीओ की उस याचिका पर केंद्र से जवाब तलब किया है जिसमें नियमित सीबीआई निदेशक को तत्काल नियुक्त करने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है। मामले में एक संक्षिप्त सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति एस. रवींद्र भट की पीठ ने याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया। मामले में अब अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी।

‘कॉमन कॉज’ नामक एनजीओ द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के तहत कानून के शासन को बनाए रखने और नागरिकों के अधिकारों को लागू करने के लिए वैधानिक कानून के अनुसार एक उचित नियुक्ति आवश्यक है।

वकील प्रशांत भूषण के माध्यम से दायर याचिका में एनजीओ ने तर्क दिया कि सीबीआई निदेशक संगठन में अंतिम प्राधिकारी है। “इसलिए, इस माननीय न्यायालय और बाद में संसद ने सीबीआई निदेशक की कार्यात्मक स्वायत्तता को बढ़ाने और इस प्रमुख कार्यकारिणी की नियुक्ति के मामले में कार्यकारी विवेक की सीमा को सीमित करने के लिए बहुत प्रयास किए हैं”।

याचिकाकर्ता ने कहा कि सरकार को कानून के जनादेश का पालन करने और लोकपाल अधिनियम, 2013 के अनुसार डीएसपीई अधिनियम, 1946 के अनुसार चयन समिति की बैठक बुलाने का निर्देश दिया जाना चाहिए। याचिका में कहा गया है कि अंतरिम / कार्यवाहक सीबीआई निदेशक के रूप में प्रवीण सिन्हा की तदर्थ नियुक्ति को दरकिनार किया जाना चाहिए।

एनजीओ ने तर्क दिया कि 2 फरवरी को ऋषि कुमार शुक्ला के कार्यकाल की समाप्ति पर दिल्ली स्पेशल पुलिस इस्टाब्लिशमेंट (डीएसपीई) अधिनियम की धारा 4 ए के अनुसार सरकार एक नियमित सीबीआई निदेशक नियुक्त करने में विफल रही है और इसके बजाय एक अंतरिम निदेशक के रूप में प्रवीण सिन्हा को नियुक्त किया गया है।

यह भी दलील दी गई कि शीर्ष अदालत ने बार-बार भ्रष्टाचार के महत्वपूर्ण मामलों और मानवाधिकारों के उल्लंघन की जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपा है। सीबीआई ने कभी-कभी शीर्ष अदालत की निगरानी में, शक्तिशाली और प्रभावशाली व्यक्तियों से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों की जांच की है।

याचिका में शीर्ष अदालत से आग्रह किया गया कि वह सीबीआई निदेशक के चयन की प्रक्रिया को पहले ही शुरू करने और उसे अच्छी तरह से पूरा करने के लिए केंद्र को निर्देश जारी करे। सीबीआई निदेशक के पद पर रिक्ति होने से कम से कम एक से दो महीने पहले ही इसकी तैयारी प्रारंभ करनी चाहिए।