विदेशों में भारतीय मूल के नेताओं द्वारा भगवद् गीता पर हाथ रखकर शपथ लेने की परंपरा लगातार देखने को मिल रही है। हाल ही में अमेरिका में भारतीय मूल के काश पटेल ने जब संघीय जांच ब्यूरो (FBI) के डायरेक्टर पद की शपथ ली, तो उन्होंने गीता पर हाथ रखकर अपनी निष्ठा प्रकट की। लेकिन वे इस परंपरा को निभाने वाले पहले व्यक्ति नहीं हैं। अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में विभिन्न भारतीय मूल के नेता पहले भी ऐसा कर चुके हैं। आइए, जानते हैं उन प्रमुख नेताओं के बारे में जिन्होंने गीता पर हाथ रखकर शपथ ली।
अमेरिका में गीता पर शपथ लेने वाले प्रमुख नेता
तुलसी गबार्ड – अमेरिका की पहली हिंदू-अमेरिकी सांसद तुलसी गबार्ड ने जब पहली बार अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में प्रवेश किया, तो उन्होंने भगवद् गीता पर हाथ रखकर शपथ ली थी। उन्होंने गीता को अपनी जीवन प्रेरणा बताया है।
सुहास सुब्रमण्यम – वर्जीनिया से कांग्रेस सांसद सुहास सुब्रमण्यम ने भी गीता पर हाथ रखकर अमेरिकी संसद में शपथ ली थी।
राजा कृष्णमूर्ति – अमेरिकी कांग्रेस सदस्य राजा कृष्णमूर्ति ने शपथ तो नहीं ली, लेकिन संसद में भगवद् गीता का एक श्लोक पढ़ा था।
काश पटेल – FBI के डायरेक्टर बनने के बाद काश पटेल ने भगवद् गीता पर हाथ रखकर निष्ठा और पद की शपथ ली।
ब्रिटेन में गीता पर शपथ लेने वाले प्रमुख नेता
ऋषि सुनक – ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने हाउस ऑफ कॉमन्स में विपक्ष के नेता के रूप में भगवद् गीता पर हाथ रखकर शपथ ली थी।
कनिष्क नारायण – वेल्स से सांसद चुने गए कनिष्क नारायण ने भी गीता पर हाथ रखकर शपथ ली।
शिवानी राजा – भारतीय मूल की सांसद शिवानी राजा ने भी गीता पर हाथ रखकर शपथ ली, जिसका वीडियो काफी वायरल हुआ था।
बॉब ब्लैकमैन – कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद बॉब ब्लैकमैन ने गीता और बाइबिल दोनों पर हाथ रखकर शपथ ली थी।
ऑस्ट्रेलिया में गीता पर शपथ लेने वाले प्रमुख नेता
वरुण घोष – ऑस्ट्रेलियाई संसद में गीता पर हाथ रखकर शपथ लेने वाले पहले भारतीय मूल के नेता वरुण घोष थे।
इन सभी उदाहरणों से यह स्पष्ट होता है कि भारतीय मूल के नेता, चाहे वे दुनिया के किसी भी हिस्से में हों, अपनी जड़ों और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़े रहते हैं। भगवद् गीता पर हाथ रखकर शपथ लेना सिर्फ एक धार्मिक कर्म नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और भारतीय संस्कृति के प्रति गहरी निष्ठा का प्रतीक भी है।




