24 दिसंबर,2020

गुरुवार को किसानों के बहाने राहुल गांधी ने मोदी सरकार को जमकर घेरा और यहां तक कह दिया कि देश में लोकतंत्र नहीं है, देश में लोकतंत्र अब सिर्फ ख्यालों में बचा है. राहुल गांधी का डेमोक्रेसी को लेकर दिया गया यही बयान बीजेपी को चुभ गया. जितना करारा वार राहुल ने किया था उससे कहीं ज्यादा सख्त पलटवार बीजेपी ने भी किया.

एक तरफ किसानों का आंदोलन जारी है, तो दूसरी ओर किसान आंदोलन पर सियासत भारी है. आज राहुल और प्रियंका तमाम कांग्रेस नेताओं के साथ किसानों के समर्थन में और सरकार के विरोध में सड़क पर उतरे तो वहीं बीजेपी की ओर से सुधांशु त्रिवेदी ने भी लोकतंत्र के मसले पर राहुल समेत पूरी कांग्रेस को निशाने पर लिया.

बता दें कि गुरुवार को किसानों के बहाने राहुल गांधी ने मोदी सरकार को जमकर घेरा और यहां तक कह दिया कि देश में लोकतंत्र नहीं है, देश में लोकतंत्र अब सिर्फ ख्यालों में बचा है. राहुल गांधी का डेमोक्रेसी को लेकर दिया गया यही बयान बीजेपी को चुभ गया. जितना करारा वार राहुल ने किया था उससे कहीं ज्यादा सख्त पलटवार बीजेपी ने भी किया.

बीजेपी की ओर से बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने मोर्चा संभाला और लोकतंत्र के मसले पर राहुल समेत पूरी कांग्रेस को निशाने पर लिया. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “सभी ने देखा भारतीय राजनीति के चिर युवा राहुल गांधी अपने स्वभाव, आचरण और फितरत के अनुसार बोल और आरोप लगा रहे हैं. जो कुछ भी उन्होंने बोला उसके तथ्य क्या हैं उस पर बात रखता हूं.”

राहुल पर हमला जारी रखते हुए सुधांशु ने कहा, “राहुल गांधी ने कहा कि वे किसानों के साथ खड़े हैं. केरल से वे सांसद हैं. क्या वहां एपीएमसी है. नहीं है, तो बताए क्यों नहीं हैं. दुनिया की सबसे बड़ी फूड प्रोसेसिंग कंपनी नेस्ले. पंजाब में किसानों के साथ कारोबार करते आई है. क्या किसानों के साथ अन्याय हुआ है. अगर हुआ है तो अब तक क्यों चल रही है.”

कांग्रेस की पूर्व सरकारों पर हमला बोलते हुए सुधांशु ने कहा, “इंदिरा गांधी के काल में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के खिलाफ देशद्रोह का आरोप लगाया गया था. और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के खिलाफ कांग्रेस के कदमों को सभी जानते हैं. किसानों से विनम्र निवेदन है कि वे कांग्रेस के छल-प्रपंच को पहचानें. कांग्रेस इनके साथ भी ऐसा कर सकती है.

कांग्रेस पर अपना हमला जारी रखते हुए बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, “चोरी के आरोप वे लगाते हैं जो जमानत पर हैं. चाहे आप जितने भी मुद्दे और चेहरे बदलो या रैली का लाभ उठाने की कोशिश करो, जनता सब समझ रही है. जब किसानों के फसलों को पशु चरने का प्रयास करता है किसान उसे मार भगाता है. इसे किसानों को समझना चाहिए.”