लखनऊ, यूपी विधानसभा चुनाव के बाद से सपा प्रमुख अखिलेश यादव के लिए नई मुसीबत खड़ी होती दिख रही है। दरअसल सपा के दिग्गज नेता आजम खान के समर्थकों का मानना है कि अखिलेश यादव की निष्क्रियता के चलते ही आजम खान दो साल से जेल में हैं। वहीं अब अखिलेश से नाराज उनके चाचा शिवपाल यादव ने शुक्रवार को सीतापुर जेल में आजम खान से मुलाकात की।
बता दें कि यूपी विधानसभा चुनाव के बाद से ही शिवपाल यादव अपने भतीजे और सपा प्रमुख अखिलेश यादव से नाराज देखे जा रहे हैं। ऐसे में उनकी आजम खान से जेल में हुई मुलाकात राजनीति के नये सियासी समीकरण बना सकती है। गौरतलब है कि आजम खान और शिवपाल यादव के बीच करीब सवा घंटे तक मुलाकात चली।
दोनों ही नेता समाजवादी पार्टी के दिग्गज माने जाते हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या इस मुलाकात के बाद अखिलेश यादव के खिलाफ कोई नया मोर्चा खड़ा होने जा रहा है?
वहीं शिवपाल यादव ने आजम खान से मुलाकात के बाद कहा कि आजम खान के पास राजनीति का लंबा अनुभव है। मैं उन्हें एक सीनियर नेता के तौर पर देखता हूं। उन्होंने कहा कि आजम खान की बातों को सीएम योगी के सामने रखूंगा। उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश यादव पहल करते तो आजम खान के मामले में मुलायम सिंह यादव भी दखल देते और आज आजम खान इतने दिन जेल में नहीं होते।
शिवपाल ने कहा, “इस समय विधानसभा में आजम खां से वरिष्ठ सदस्य कोई नहीं है। वो लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य भी रहे हैं लेकिन समाजवादी पार्टी आजम भाई की मदद करती हुई या संघर्ष करती हुई नहीं दिख रही है, ये दुर्भाग्य की बात है।”
बता दें कि इससे पहले बीते यूपी विधानसभा चुनाव में सपा सहयोगी रालोद के नेता जयंत चौधरी ने भी आजम खां के घर जाकर उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम से मुलाकात की थी। वहीं AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पहले ही आजम खान को अपनी पार्टी में शामिल होने का न्यौता दे चुके हैं। ऐसे में अगर आजम खान कोई बड़ा कदम उठाते हैं तो अखिलेश यादव के लिए यूपी की सियासत में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
बता दें कि रामपुर से विधायक आजम खान करीब 2 साल से सीतापुर जिला कारागार में बंद है। उनके साथ उनकी पत्नी तंजीम फातिमा और बेटा अब्दुल्लाह आजम भी बंद थे। दोनों लोग जमानत पर रिहा हो चुके हैं।
दरअसल बीते ढाई सालों में आजम खान के खिलाफ 72 मुक़दमे दर्ज हुए। इनमें से 71 मुकदमों में वो अलग-अलग अदालतों से जमानत पा चुके हैं। जो एक मामला बचा है, उसकी भी सुनवाई पूरी हो चुकी है। उसमें हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि इस मामले में भी जमानत मिलती है तो वो जेल से बाहर आ सकते हैं।




