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मुंबई, 18 मार्च 2021

महाराष्ट्र में शिवसेना ने बीजेपी को बड़ा झटका देते हुए जलगांव नगर पालिका पर अपना कब्जा जमा लिया है। यह बड़ा उटलफेर तब हुई जब बीजेपी के 29 पार्षदों ने पाला बदलकर शिवसेना के पक्ष में मतदान किया। एक महीने से भी कम समय में भाजपा को इस तरह का दूसरा झटका लगा है। फरवरी में एनसीपी उम्मीदवार ने बीजेपी उम्मीदवार को हराकर सांगली शहर का मेयर चुना गया था।

जलगांव नगर पालिका के मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए चुनाव हुए

गुरुवार को जलगांव नगर पालिका के मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए चुनाव हुए थे। बीजेपी के 29 नगरसेवकों ने पार्टी के खिलाफ जाकर शिवसेना के समर्थन में वोट किया। अहम बात ये है कि,कि 73 सदस्यों वाली नगर पालिका में 57 नगरसेवक बीजेपी के हैं। जबकि 15 सीटों पर शिवसेना को जीत मिली। शिवसेना को 3 एमआईएम के नगरसेवकों का भी सपोर्ट था। इसके बावजूद शिवसेना की महापौर उम्मीदवार को 45 वोट मिले जबकि बीजेपी उम्मीदवार को सिर्फ 30 मत मिल सके।

बहुमत के बाद भी हारी भाजपा

जलगाँव और सांगली दोनों में, भाजपा के पास नागरिक निकायों में बहुमत था। सांगली नागरिक निकाय में, उसके 41 नगरसेवक थे और जलगाँव में उसके 57 नगरसेवक थे। शिवसेना की जयश्री महाजन ने 45 वोट हासिल किए, जबकि भाजपा उम्मीदवार प्रतिभा कापसे ने 30 वोट मिले। यहां तक कि डिप्टी मेयर पद भी शिवसेना के खाते गया है। सेना के उम्मीदवार कुलभूषण पाटिल को विजेता घोषित किया गया।

बीजेपी छोड़ एनसीपी में गए एकनाथ खड़से बने इस जीत के चाणक्य

जलगांव में 8 दिनों से महानगर निगम में बीजेपी के पार्षदों ने बगावत शुरू कर रखी थी और शिवसेना हाथ थाम लिया था। बीजेपी पार्षद स्वतंत्र गुट बनाकर शिवसेना से जा मिले जिसमें बीजेपी छोड़ एनसीपी में गए एकनाथ खड़से और शिवसेना के गुलाबराव पाटिल ने अहम भूमिका निभाई। जलगांव में भाजपा का साथ छोड़ने वाले पार्षदों को ठाणे के एक अलग होटल में रखा गया था। जलगांव के संरक्षक मंत्री गुलाबराव पाटिल ने कहा कि पार्षद शिवसेना अध्यक्ष और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के संपर्क में थे।