मुंबई, 7 फरवरी 2021

क्रिकेट सम्राट सचिन तेंदुलकर ने किसानों के आंदोलन पर विदेश हस्तियों के रिएक्‍शन पर केंद्र का पक्ष लेते हुए जो ट्वीट किया उस पर राजनीति तेज हो चुकी हैं। क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर के विरोध में महाराष्‍ट्र सरकार की चुप्‍पी पर भाजपा ने उसे घेरा। वहीं अब राष्‍ट्रवादी पार्टी ( एनसीपी) प्रमुख शरद पवार ने सचिन को अपने क्षेत्र को छोड़कर किसी अलग विषय पर बोलने में सावधानी बरतने का मशविरा दिया।

शरद पवार ने शनिवार को पुणे में पत्रकारों को संबोधित करते हुए लता मंगेशकर और सचिन तेंदुलकर के किसान आंदोलन को लेकर किए गए ट्वीट पर प्रतिक्रिया नाम बिना लिए कहा कि इस आंदोलन को लकर जो राय इन्‍होंने रखी है उससे जनता में नाराजगी है। किसान को बदनाम करने के लिए सत्‍ताधारी पार्टी के नेता कभी आंदोलनकायिों को खालिस्‍तानी कह रहे हैं तो कभी कुछ और कह कर उन्‍हें बदनाम कर रहे हैं।

शरद पवार ने कहा कि उसको लेकर उनके (भारतीय हस्तियों) द्वारा उठाए गए स्टैंड पर कई लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। मैं सचिन (तेंदुलकर) को सुझाव दूंगा कि वे किसी अन्य क्षेत्र के बारे में बोलते हुए सावधानी बरतें: एनसीपी प्रमुख शरद पवार बोले जीतोड़ मेहनत करके इस देश को अनाज देकर आत्मनिर्भर करने वाले किसानों का ये आंदोलन है. किसानों को बदनाम करना अच्छी बात नहीं। उन्‍होंने कहा यदि पीएम, रक्षा मंत्री और नितिन गडकरी जैसे सरकार के वरिष्ठ नेता आगे आते हैं और उनके साथ (आंदोलनकारी किसानों) बोलते हैं, तो एक समाधान मिल सकता है। अगर वरिष्ठ नेता पहल करते हैं, तो किसान नेताओं को भी उनके साथ बैठना होगा।