Russia-Ukraine War: मॉस्को की तरफ से ताजा मिसाइल हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा की बुलाई गई आपात बैठक में सोमवार को यूक्रेन ने रूस पर ‘आतंकवादी देश’ होने का आरोप लगाया. रूस की तरफ से यूक्रेन के चार हिस्से को तोड़कर उस पर कब्जे के बाद यूएन की यह बैठक बुलाई गई थी. लेकिन, पूरी बैठक के दौरान कीव पर मॉस्को की तरफ से किए जा रहे लगातार हमले और बमबारी का मुद्दा छाया रहा. अपने शुरुआती संबोधन में यूएन में यूक्रेन के राजदूत ने कड़े शब्दों में रूस की आलोचना करते हुए कहा- रूस ने फिर से यह साबित कर दिया है कि वे वह एक आतंकवादी देश हैं और उसे रोकने के लिए संभावित कड़े कदम उठाए जाने चाहिए.
पहली इमरजेंसी मीटिंग के दौरान यूक्रेन के राजदूत सर्गेई कयस्लात्य ने सदस्य देशों से कहा कि उन्होंने रूस के आक्रमण की वजह से वे पहले ही अपने सदस्यों को खो चुके हैं. उन्होंने कहा कि करीब 84 मिसाइल और दो ड्रोन से जान बूझकर नागरिक और सैन्य प्रतिष्ठानों को सोमवार को निशाना बनाकर कई शहरों पर हमले किए गए. इस दौरान स्कूलों और विश्वविद्यालयों पर भी हमले किए गए.
दरअसल, रूस और यूक्रेन के बीच तनाव अब भी बरकार है. शनिवार 8 अक्टूबर को यूक्रेन (Ukraine) ने रूस (Russia) को निशाना बनाते हुए क्रीमिया ब्रिज (Crimean Bridge) पर हमला कर दिया जिसके बाद रूस ने यूक्रेन के शहरों पर एक के बाद एक कई मिसाइलें दाग दी. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के आदेश के बाद पहले जेपोरिजिया पर मिसाइल अटैक किया गया और फिर कल यानी सोमवार को कीव (Kyiv) पर सबसे बड़ी एयरस्ट्राइक (Airstrike) किया गया.
यूक्रेन द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, 10 अक्टूबर को रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव समेत 17 शहरों पर एकसाथ हमला किया. यूक्रेन के मिलिट्री ठिकाने, एनर्जी हब औऱ कम्युनिकेशन सेंटर्स एक साथ रूस की एयरफोर्स और ग्राउंड फोर्स के हमले में दहल गए. 75 से ज्यादा मिसाइलें टारगेट कर के दागी गईं.
यूक्रेन के कई ठिकानों को टारगेट किया- व्लादिमीर पुतिन
व्लादिमीर पुतिन ने इस अटैक पर बयान देते हुए कहा कि रक्षा मंत्रालय की सलाह पर और जनरल स्टाफ की प्लानिंग के आधार पर रूस ने जमीन हवा और पानी से यूक्रेन के कई ठिकानों को टारगेट किया है.

पुतिन के बयान के बाद सबसे चौंकाने वाला बयान रूस के पूर्व राष्ट्रपति और रूसी सिक्योरिटी काउंसिल के डिप्टी चेयरमैन दिमित्री मेदवेदेव ने दिया. उन्होंने कहा, मेदवेदेव ने कहा कि कीव समेत 17 शहरों पर की गई मेगा एयरस्ट्राइक बदले का पहला एपिसोड है. यानी रूस ने यूक्रेन को दहलाने की पूरी टाइमलाइन फिक्स कर दी है.

क्या अब यूक्रेन को मिलेगा ड़िफेंस सिस्टम मिसाइल?
रूस के इस बड़े हमले के बाद पश्चिमी देश भी अपनी स्ट्रैटजी बदलने पर विचार कर रहे हैं. मुमकिन है कि यूक्रेन को अब वो मिसाइल ड़िफेंस सिस्टम मिल जाए जिसकी मांग जेलेंस्की 4 महीने से कर रहे हैं. दरअसल, यूक्रेन की सेना NASAMS (नेसाम्स) ग्राउंड एयर डिफेंस सिस्टम औऱ लैंड बेस्ट फेलैंक्स वेपन सिस्टम और अमेरिकी सेना की टेक्टिकल लॉन्ग रेंज मिसाइल सिस्टम ATACM की तत्काल डिलीवरी चाहती है जिससे वो रूस के प्रचंड हमलों का मुकाबला कर सके.




