Russia Ukraine Crisis: यूक्रेन में रूस के हमले का तीसरा दिन, राजधानी कीव में बमबारी जारी; भारत बोला- बातचीत से निकालें हल

Russia Ukraine Crisis: संकटग्रस्त यूक्रेन पर रूसी हमलों का आज (26 फरवरी, 2022) तीसरा दिन है। राजधानी कीव में लगातार धमाके हो रहे हैं। नतीजतन लोग वहां के बंकरों में छिपे हुए हैं। इस बीच खबर है कि कीव में एक मिलिट्री यूनिट पर रूस की ओर से हमला कर दिया गया है।

इस बीच, यूक्रेन में फंसे भारतीयों को वापस लाने की कोशिशें जारी हैं। वहीं, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में भारत और चीन ने यूक्रेन पर हमले की निंदा की, पर सुरक्षा परिषद के वोट से परहेज कर दिया। यूक्रेन पर यूएनएससी मीटिंग में संयुक्त राष्ट्र में भारत के प्रतिनिधि टी.एस. तिरुमूर्ति ने कहा- यूक्रेन में जो हुआ, भारत उससे बेहद परेशान है। आग्रह हैं कि हिंसा और शत्रुता को तत्काल खत्म कर सभी प्रयास किए हों। नागरिकों के जीवन की सुरक्षा के लिए अभी तक कोई भी समाधान नहीं निकाला गया है।

तिरुमूर्ति के बयान के मुताबिक, सभी सदस्य देशों को रचनात्मक तरीके से आगे बढ़ने के लिए सिद्धांतों का सम्मान करने की जरूरत है। मतभेदों और विवादों को निपटाने के लिए संवाद ही एकमात्र उत्तर है। हालांकि इस समय ये कठिन लग सकता है। इस बात से खेद है कि कूटनीति का रास्ता छोड़ दिया गया है, पर हमें उस पर लौटना होगा। इन सभी कारणों से, भारत ने इस प्रस्ताव पर परहेज़ करने का विकल्प चुना है।

अमेरिका ने पुतिन, रूसी विदेश मंत्री लावरोव पर प्रतिबंध लगाए

अमेरिका ने एक असाधारण कदम उठाते हुए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और विदेश मंत्री सर्गेइ लावरोव पर प्रतिबंध लगाए और उन्हें यूक्रेन पर ‘‘बिना उकसावे के और गैरकानूनी रूप से’’ हमला करने के लिए ‘‘सीधे तौर पर जिम्मेदार’’ ठहराया। अमेरिका के वित्त विभाग ने एक बयान में कहा कि अमेरिका के ये ताजा प्रतिबंध उन कार्रवाइयों से संबद्ध हैं जिसके तहत अमेरिका और उसके साझेदारों ने इस सप्ताह मॉस्को के सबसे बड़े वित्तीय संस्थानों के खिलाफ प्रतिबंधों समेत रूस की वित्तीय प्रणाली के अहम ढांचे को निशाना बनाया था।

शुक्रवार को जारी बयान के अनुसार, अमेरिका ने अपने सहयोगियों तथा साझेदारों के साथ मिलकर पुतिन तथा लावरोव पर प्रतिबंध लगाकर यूक्रेन पर रूस द्वारा ‘‘अनुचित, बिना उकसावे के और पूर्व नियोजित’’ हमले की बलपूर्वक प्रतिक्रिया देना जारी रखा है। रूस की सुरक्षा परिषद के अन्य सदस्यों पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं। इसमें कहा गया है कि पुतिन और लावरोव ‘‘लोकतांत्रिक रूप से संप्रभु देश यूक्रेन पर रूस द्वारा बिना उकसावे के और गैरकानूनी तरीके से हमला करने के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार’’ हैं।

रूस के आक्रमण के बाद यूक्रेन में पलायन

यूक्रेन के हजारों लोग देश पर रूस के आक्रमण के बाद पलायन कर रहे हैं और सुरक्षित स्थान की तलाश में पश्चिमी सीमा से लगे देशों में प्रवेश कर रहे हैं। कुछ बॉर्डर क्रॉसिंग पर कई किमी तक कारों की कतार लगी हुई है। पोलैंड, स्लोवाकिया, हंगरी, रोमानिया और मोलदोवा में अधिकारी उनकी अगवानी करने के लिए तैयार हैं। वे यूक्रेन के लोगों को आश्रय, भोजन और कानूनी मदद उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने सीमा पर होने वाली सामान्य प्रक्रिया में भी ढील दे दी है। कोविड जांच कराने से भी छूट दी गई है।

पुतिन, लावरोव की संपत्तियां EU ने फ्रीज करने को मंजूरी दी

यूरोपीय संघ (ईयू) ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव की संपत्तियों को जब्त (फ्रीज) करने तथा अन्य प्रतिबंध लगाने पर सहमति जताई है। लातविया के विदेश मंत्री ने यह जानकारी दी। पुतिन और लावरोव की संपत्तियों को जब्त करने के निर्णय का अर्थ है कि पश्चिमी देश यूक्रेन पर रूस के हमले और यूरोप में एक बड़े युद्ध को रोकने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाने की ओर बढ़ रहे हैं।

लातविया के विदेश मंत्री एड्गर्स रिनकेविक्स ने शुक्रवार को ट्वीट कर बताया कि ईयू के विदेश मंत्रियों ने प्रतिबंध लगाने के दूसरे पैकेज को मंजूरी दी है और जिन संपत्तियों को फ्रीज किया गया उनमें रूस के राष्ट्रपति और विदेश मंत्री की संपत्ति शामिल है। उन्होंने कहा कि ईयू प्रतिबंधों के अन्य पैकेज की भी तैयारी कर रहा है।

AI का प्लेन यूक्रेन में फंसे भारतीयों को लाने के लिए बुखारेस्ट रवाना

एअर इंडिया के एक विमान ने रूस के आक्रमण के चलते यूक्रेन में फंसे भारतीयों को स्वदेश लाने के वास्ते रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट के लिए शनिवार सुबह मुंबई हवाईअड्डे से उड़ान भरी। वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने बताया कि उड़ान संख्या एआई1943 ने तड़के करीब तीन बजकर 40 मिनट पर मुंबई हवाईअड्डे से उड़ान भरी और उसके भारतीय समयानुसार सुबह करीब दस बजे बुखारेस्ट हवाईअड्डे पर पहुंचने की संभावना है।

उन्होंने बताया कि जो भी भारतीय नागरिक सड़क मार्ग से यूक्रेन-रोमानिया सीमा पर पहुंच गये हैं, उन्हें भारत सरकार के अधिकारी बुखारेस्ट ले जायेंगे ताकि उन्हें एअर इंडिया की उड़ानों के जरिए स्वदेश लाया जा सके। एअर इंडिया यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों को स्वदेश लाने के लिए बुखारेस्ट और हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट के लिए शनिवार को और उड़ानें संचालित करेगी।

यूक्रेन में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए आई यह एडवाइजरी

भारतीय नागरिकों के लिए एक एडवाजरी में कीव (यूक्रेन) में भारतीय दूतावास की ओर से कहा गया है- सभी भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे बॉर्डर पोस्ट पर भारत सरकार के अधिकारियों के साथ पूर्व समन्वय के बिना किसी भी बॉर्डर पोस्ट पर न जाएं।

रूस ने हमले रोकने की मांग करने वाले संरा के प्रस्ताव पर वीटो किया

रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के उस प्रस्ताव पर वीटो कर दिया है जिसमें मॉस्को से यूक्रेन पर हमला रोकने और सभी सैनिकों को वापस बुलाने की मांग की गई। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शुक्रवार को इस प्रस्ताव के पक्ष में 11 और विपक्ष में एक मत पड़ा। चीन, भारत और संयुक्त अरब अमीरात मतदान से दूर रहे।

अमेरिका और सहयोगी देश जानते थे कि यह प्रस्ताव पारित नहीं होगा लेकिन उन्होंने दलील दी कि इससे रूस अंतरराष्ट्रीय रूप से अलग-थलग पड़ेगा। इस प्रस्ताव के विफल होने से समर्थकों के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा में ऐसे ही प्रस्ताव पर जल्द मतदान कराने की मांग का रास्ता साफ हो गया है। बता दें कि 193 सदस्यीय महासभा में वीटो का प्रावधान नहीं है। अभी यह तय नहीं है कि कब मतदान होगा।

बता दें कि रूसी सैनिकों ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर शुक्रवार को हमला कर दिया। सरकारी इमारतों के निकट गोलीबारी और विस्फोटों की आवाजें गूंज रही थी। रूस की इस कार्रवाई से यूरोप में व्यापक युद्ध की आशंकाएं पैदा हो गई है और साथ ही उसे रोकने के लिए दुनियाभर में प्रयास भी शुरू हो गए हैं। युद्ध से सैकड़ों लोगों के हताहत होने की सूचनाओं के बीच कीव में इमारतों, पुलों और स्कूलों के सामने भी गोलीबारी और विस्फोटों की घटनाएं हुई हैं। इस बात के भी संकेत बढ़ रहे थे कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन की सरकार को उखाड़ फेंकने की कोशिश कर रहे हैं।

पश्चिमी देशों के नेताओं ने एक आपातकालीन बैठक बुलाई और यूक्रेन के राष्ट्रपति ने ऐसे हमलों को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय मदद की गुहार लगाई है क्योंकि उन्हें आशंका है कि रूस लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई उनकी सरकार को बेदखल कर सकता है। यूक्रेन में बड़े पैमाने पर लोग हताहत हो सकते हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकता है। रूस के आक्रमण का दूसरा दिन यूक्रेन की राजधानी पर केंद्रित था, जहां ‘एसोसिएटेड प्रेस’ के पत्रकारों ने तड़के से पहले विस्फोट की आवाजें सुनीं और कई क्षेत्रों से गोलियां चलने की सूचना भी है।

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