नई दिल्ली, 10 मार्च 2025: संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की कार्यवाही सोमवार को हंगामेदार रही। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान डीएमके सांसद टी. सुमति के पूरक प्रश्न पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के जवाब के बाद हंगामा खड़ा हो गया। इस दौरान बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने डीएमके पर भावनाएं भड़काने का आरोप लगाया।
डीएमके पर हमलावर बीजेपी, शिक्षा मंत्री ने बताया ‘बेईमान’
लोकसभा में नई शिक्षा नीति और तीन-भाषा विवाद को लेकर चर्चा के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने डीएमके पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु सरकार पीएमश्री योजना को लागू करने से इनकार कर राज्य के छात्रों का भविष्य बर्बाद कर रही है। उन्होंने डीएमके को “बेईमान” बताते हुए कहा, “वे तमिलनाडु के छात्रों के प्रति प्रतिबद्ध नहीं हैं, बल्कि राजनीति कर रहे हैं और भाषा की बाधाएं खड़ी कर रहे हैं।”
इस बयान पर डीएमके सांसदों ने तीखी प्रतिक्रिया दी और विरोध प्रदर्शन किया, जिसके चलते लोकसभा की कार्यवाही 30 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
वोटर लिस्ट पर गरमाई बहस, राहुल गांधी ने उठाए सवाल
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने वोटर लिस्ट में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि देशभर में वोटर लिस्ट को लेकर सवाल उठ रहे हैं, और इस पर सदन में चर्चा होनी चाहिए। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि वोटर लिस्ट सरकार नहीं बनाती, बल्कि निर्वाचन आयोग इसकी जिम्मेदारी निभाता है।
राहुल गांधी ने महाराष्ट्र में “ब्लैक एंड वाइट लिस्ट” के विवाद का भी जिक्र किया और कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर चर्चा चाहता है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद सौगत रॉय ने भी वोटर लिस्ट की समीक्षा की मांग की।
राज्यसभा में जेपी नड्डा का विपक्ष पर हमला
राज्यसभा में भी माहौल गर्म रहा। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “विपक्ष को पूरी जिम्मेदारी के साथ चर्चा में भाग लेना चाहिए। चर्चा करना सीखो।”
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन और बजट पर नजर
गृह मंत्री अमित शाह मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की घोषणा के लिए संसद की मंजूरी लेने के लिए एक वैधानिक प्रस्ताव पेश कर सकते हैं। बता दें कि मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद 13 फरवरी से राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू है। इसके अलावा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मणिपुर का बजट पेश करेंगी।
वक्फ संशोधन विधेयक को जल्द पारित कराने की तैयारी
सरकार वक्फ संशोधन विधेयक को जल्द से जल्द पारित कराने की कोशिश में है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि यह विधेयक मुस्लिम समुदाय से जुड़े कई मुद्दों को हल करने में मदद करेगा। विपक्षी दल इस विधेयक पर बहस की मांग कर सकते हैं।
विपक्ष और निर्वाचन आयोग आमने-सामने
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने मतदाता पहचान पत्र (ईपीआईसी) क्रमांक की कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया है। पार्टी के नेताओं का दावा है कि वोटर लिस्ट में हेरफेर की गई है, जिससे अन्य राज्यों के मतदाता पश्चिम बंगाल में वोट डाल सकें।
हालांकि, निर्वाचन आयोग ने इस दावे को खारिज कर दिया और कहा कि कुछ मतदाताओं के पहचान पत्र क्रमांक समान हो सकते हैं, लेकिन अन्य विवरण अलग-अलग हैं। आयोग ने तीन महीनों के भीतर सुधारात्मक कदम उठाने का वादा किया है।
क्या रहेगा खास?
गृह मंत्री अमित शाह मणिपुर में राष्ट्रपति शासन पर संसद की मंजूरी लेंगे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मणिपुर का बजट पेश करेंगी।
विपक्ष वोटर लिस्ट और ईपीआईसी मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
सरकार वक्फ संशोधन विधेयक को जल्द पारित कराने पर जोर देगी।
संसद का बजट सत्र पहले से ही गरमाया हुआ है, और आने वाले दिनों में भी राजनीतिक घमासान जारी रहने की संभावना है।




