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नई दिल्ली, 26जनवरी 2021

पिछले साल ही भारतीय वायुसेना में शामिल हुए शक्तिशाली राफेल जेट ने इस बार गणतंत्र दिवस के मौके पर लाल किले के ऊपर से उड़ान भरी। राफेल विमानों ने वर्टिकल चार्ली फॉर्मेशन में फ्लाईपास्ट का समापन किया। वायुसेना में शामिल होने के बाद पहली बार राफेल विमानों ने गणतंत्र दिवस पर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया।

एकलव्य फॉर्मेशन में उड़ान

फ्लाईपास्ट परेड में एक राफेल विमान ने दो जगुआर विमानों के साथ 300 मीटर की ऊंचाई पर 780 किमी/घंटा की रफ्तार से उड़ान भरकर एकलव्य का गठन किया। परेड का समापन अकेले राफेल विमान ने 900 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान करके किया। विमान को ग्रुप कैप्टन राफेल हरकीरत सिंह शौर्य चक्र ने 17 स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर स्क्वाड्रन लीडर किस्लयकांत के साथ उड़ान भरी।

पिछले साल सितम्बर में ही भारतीय वायुसेना में 5 राफेल विमानों को शामिल किया गया था। भारत राफेल विमानों को लेकर फ्रांस से सौदा किया है। इस साल गणतंत्र दिवस पर फ्लाइपास्ट परेड में कुल 38 वायुसेना के विमानों ने हिस्सा लिया। मंगलवार को 72वें गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तिरंगा फहराकर समारोह की शुरुआत की। इसके बाद 21 तोपों की सलामी दी गई।

हेलीकॉप्टर से राजपथ पर बरसाए गए फूल

रामनाथ कोविंद 46 राष्ट्रपति सुरक्षा गार्ड के घेरे में राजपथ पर पहुंचे जहां पारंपरिक कुर्ता पायजामा और जामनगर राजघराने से मिली खास पगड़ी पहने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत किया। इसके पहले प्रधानमंत्री ने इंडिया गेट स्थित नेशनल वार मेमोरियल पर पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

राष्ट्रपति के राष्ट्रीय ध्वज को फहराने के बाद पहले गठन में 155 हेलीकॉप्टर यूनिट के चार Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी और राजपथ के साथ ही वहां मौजूद मेहमानों पर फूलों की वर्षा की।

बिना विदेशी मेहमान के गणतंत्र दिवस

इसके बाद राजपथ पर निकली झांकी में भारत की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता, सामाजिक और आर्थिक प्रगति का प्रदर्शन किया गया। राजपथ पर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने गणतंत्र दिवस परेड का नजारा देखा। पहली बार कोरोना वायरस के चलते इस बार गणतंत्र दिवस पर कोई विदेशी मेहमान नहीं रहा। भारत सरकार ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिति के रूप में आमंत्रित किया गया था लेकिन ब्रिटेन में कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है जिसके चलते जॉनसन ने अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया था। इसके बाद भारत ने बिना किसी मेहमान के ही गणतंत्र दिवस मनाने का फैसला किया था।