नई दिल्ली, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने 5 साल बाद रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट (bps) की कटौती की है। अब रेपो रेट 6.25% हो गया है। इससे पहले, लगातार 11 बैठकों में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया था। आखिरी बार मई 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान रेपो रेट घटाया गया था।
EMI पर क्या असर पड़ेगा?
RBI के इस फैसले से होम लोन, कार लोन और बिजनेस लोन पर ब्याज दरें घट सकती हैं, जिससे आम जनता को राहत मिलेगी। हालांकि, यह पूरी तरह बैंकों पर निर्भर करेगा कि वे इस कटौती का लाभ ग्राहकों तक कब और कितना पहुंचाते हैं।
FY26 के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ा
RBI ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आर्थिक विकास दर का अनुमान 6.6% से बढ़ाकर 6.7% कर दिया है। साथ ही, महंगाई दर 4.2% रहने का अनुमान लगाया गया है।
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए महंगाई दर अनुमान:
Q1 (अप्रैल-जून): 4.5%
Q2 (जुलाई-सितंबर): 4.0%
Q3 (अक्टूबर-दिसंबर): 3.8%
RBI ने ब्याज दरों में कटौती क्यों की?
महंगाई दर में गिरावट – भविष्य में और कमी की संभावना।
ग्रामीण मांग में वृद्धि – अर्थव्यवस्था को समर्थन मिलेगा।
शहरी मांग में सुधार की उम्मीद – कंजम्प्शन बढ़ेगा।
आम जनता को क्या फायदा होगा?
होम लोन और कार लोन सस्ते हो सकते हैं, जिससे EMI कम होगी।
बिजनेस लोन सस्ता होगा, जिससे व्यापार और इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा।
इकोनॉमी को बूस्ट मिलेगा क्योंकि कम ब्याज दर से लोग ज्यादा खर्च करेंगे, जिससे बाजार और कारोबार को फायदा होगा।
RBI के इस फैसले से भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। अब यह देखना होगा कि बैंक कब और कितना फायदा ग्राहकों तक पहुंचाते हैं।




