अयोध्या, श्री राम जन्मभूमि मंदिर, अयोध्या के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का लखनऊ के पीजीआई अस्पताल में निधन हो गया। वह ब्रेन हेमरेज के कारण भर्ती थे और 3 फरवरी से उनका इलाज चल रहा था। न्यूरोलॉजी वार्ड एचडीयू में उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
आचार्य सत्येंद्र दास संतकबीर नगर के ब्राह्मण परिवार से थे और 50 के दशक में अयोध्या आए थे। उन्होंने अभिराम दास से दीक्षा ली, जिन्होंने 1949 में रामलला की मूर्तियों को मंदिर में स्थापित किया था। 1992 के बाबरी मस्जिद विध्वंस के दौरान आचार्य सत्येंद्र दास ने रामलला की मूर्तियों को सुरक्षित बचाने के लिए गोद में उठाकर अलग स्थान पर ले गए।
एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि 6 दिसंबर 1992 को जब विवादित ढांचा गिराया जा रहा था, तब उन्होंने भोग लगाकर पर्दा गिरा दिया। उन्होंने कारसेवकों के इरादे भांप लिए थे और उसी दौरान रामलला को उठाकर सुरक्षित स्थान पर ले जाने में सफल हुए।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने दी श्रद्धांजलि
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आचार्य सत्येंद्र दास के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने एक्स (Twitter) पर लिखा—
“परम रामभक्त, श्री राम जन्मभूमि मंदिर, श्री अयोध्या धाम के मुख्य पुजारी आचार्य श्री सत्येंद्र कुमार दास जी महाराज का निधन अत्यंत दुःखद एवं आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति है। विनम्र श्रद्धांजलि! प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें तथा शोक संतप्त शिष्यों एवं अनुयायियों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।”
आचार्य सत्येंद्र दास लंबे समय से राम मंदिर के मुख्य पुजारी थे और उनका योगदान अयोध्या आंदोलन और श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण में ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण रहा है।




