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नई दिल्ली, 29जनवरी 2021

बजट सत्र शुरू होने के साथ अपने बजट अभिभाषण में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कृषि कानूनों के समर्थन में टिप्पणी की है. राष्ट्रपति ने कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत के लिए कृषि का आत्मनिर्भर होना बहुत जरूरी है. पिछले 6 साल में हमारी सरकार ने बीज से लेकर बाजार तक कई सकारात्मक पहल किए हैं. स्वामीनाथन कमीशन की रिपोर्ट भी लागू की है जिससे किसानों को उनकी उपज का डेढ़ गुना एमएसपी मिल सके.’ हालांकि, राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उनकी सरकार इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट की ओर से लिए जा रहे फैसले का सम्मान करेगी. उन्होंने कहा कि ‘वर्तमान में इन कानूनों का अमलीकरण देश की सर्वोच्च अदालत ने स्थगित किया हुआ है. मेरी सरकार उच्चतम न्यायालय के निर्णय का पूरा सम्मान करते हुए उसका पालन करेगी.’

राष्ट्रपति ने कहा कि ‘आज देश में 80% से ज्यादा छोटे किसान हैं. इनकी संख्या 10 करोड़ से ज्यादा है. तीन महत्वपूर्ण कृषि विधेयकों की वजह से जो कृषि सुधार हुए हैं उनका 10 करोड़ से ज्यादा छोटे किसानों को फायदा मिलना शुरू हुआ है.’ उन्होंने कहा कि ‘मेरी सरकार नए कानूनों के संदर्भ में भ्रम दूर करने की कोशिश कर रही है.’

राष्ट्रपति ने कहा कि ‘मेरी सरकार यह स्पष्ट करना चाहती है कि तीन नए कृषि कानून बनने से पहले, पुरानी व्यवस्थाओं के तहत जो अधिकार थे तथा जो सुविधाएं थीं, उनमें कहीं कोई कमी नहीं की गई है. बल्कि इन कृषि सुधारों के जरिए सरकार ने किसानों को नई सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ नए अधिकार भी दिए हैं.’

राष्ट्रपति ने 26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर रैली के तहत हुई हिंसा को दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि ‘राष्ट्रीय झंडा और गणतंत्र दिवस जैसा पावन दिन पिछले कुछ दिनों में अपमानित हुआ है. जो संविधान हमें अभिव्यक्ति की आज़ादी देता है, वही संविधान हमें यह भी सिखाता है कि हमें कानून व्यवस्था का गंभीरता से पालन करना है.’

कोविंद ने कोरोनावायरस से फैली कोविड महामारी पर का जिक्र भी अपने अभिभाषण में किया और कहा कि ‘देश ने इस महामारी का एकजुट होकर मुकाबला किया. आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चला रहा है. कोरोनावायरस वैक्सीन भारत में ही निर्मित हुआ है.’ उन्होंने कहा कि ‘इस महामारी की वजह से हमने अपने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को खोया है. छह सांसद भी असमय चले गए. मैं उनको श्रद्धांजलि देता हूं.’