नई दिल्ली, 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कर्तव्य पथ पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर समारोह की शुरुआत की। राष्ट्रगान के साथ पूरा वातावरण देशभक्ति से गूंज उठा। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
इस साल का गणतंत्र दिवस कई नई झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का गवाह बना। कर्तव्य पथ पर न्याय एवं अधिकारिता विभाग की पहली झांकी ने सबका ध्यान आकर्षित किया। झांकी में सामाजिक न्याय, समावेशिता और महिलाओं के सशक्तिकरण को दर्शाया गया। झांकी ने भारत की न्याय प्रणाली में समानता और अधिकारिता के महत्व को रेखांकित किया।
इस बार के समारोह की खास बात संगीत वाद्ययंत्रों के साथ हेराल्डिंग रही, जिसमें देशभर के 300 प्रतिभाशाली कलाकारों ने हिस्सा लिया। इन कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से समारोह को भव्यता प्रदान की। भारतीय सांस्कृतिक धरोहर और विविधता को प्रदर्शित करते इन प्रदर्शन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
भारतीय वायुसेना ने समारोह के दौरान कर्तव्य पथ पर फूलों की बारिश कर सभी को रोमांचित कर दिया। तिरंगे के रंगों के साथ फूलों की बारिश ने समारोह को और भी खास बना दिया। यह दृश्य दर्शकों के लिए अविस्मरणीय बन गया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संदेश में कहा, “गणतंत्र दिवस हमारे संविधान की ताकत और हमारे लोकतंत्र के मूल्यों को सम्मानित करने का दिन है। यह हमें हमारे अधिकारों और कर्तव्यों की याद दिलाता है। आइए, हम सभी मिलकर एक मजबूत, समृद्ध और समावेशी भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हों।”
कार्यक्रम के दौरान सैन्य परेड, झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भारत की विविधता और सामरिक ताकत का प्रदर्शन किया। समारोह में आम नागरिकों के साथ-साथ विदेशी मेहमानों ने भी हिस्सा लिया।




